Maharashtra News: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर से सरगर्मी तेज हो गई है. आगामी लोकसभा चुनावों में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने काफी पहले से ही अपनी रणनीतिक तैयारियां शुरू कर दी हैं. पार्टी ने राज्य की कुल 48 लोकसभा सीटों में से 40 सीटों पर अपने प्रभारियों और संपर्क प्रमुखों की नियुक्ति कर दी है, जिससे राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है.
पार्टी की ओर से जारी की गई इस नई सूची में युवाओं और अनुभवी नेताओं के बीच बेहतरीन संतुलन बनाने की कोशिश की गई है. मुंबई के कई प्रमुख युवा नेताओं को अलग-अलग लोकसभा क्षेत्रों की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है. इसके साथ ही पार्टी के विधायकों, पूर्व नगरसेवकों और कई अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों को भी विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में चुनावी कमान संभालने के लिए मैदान में उतार दिया गया है.
सामने आई सूची के अनुसार, कल्याण और भिवंडी लोकसभा क्षेत्र की जिम्मेदारी युवा नेता वरुण सरदेसाई को दी गई है, जो कि राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है. वहीं दूसरी ओर, पार्टी की फायरब्रांड नेत्री सुषमा अंधारे को सोलापुर और माढा लोकसभा सीटों पर संगठन को धार देने के लिए संपर्क अधिकारी नियुक्त किया गया है. इसके अलावा नागपुर, पुणे, और अमरावती जैसी सीटों के लिए भी वरिष्ठ नेताओं को प्रभार सौंपा गया है.
हालांकि, पार्टी ने अभी अपनी रणनीतिक चाल चलते हुए मुंबई की सभी 6 लोकसभा सीटों के साथ-साथ ठाणे और जलगांव की सीटों को इस पहली सूची में शामिल नहीं किया है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन बची हुई 8 सीटों पर उम्मीदवारों और प्रभारियों के चयन को लेकर पार्टी फूंक-फूंक कर कदम रख रही है और आने वाले दिनों में इन पर भी बड़े ऐलान किए जा सकते हैं.
समय से पहले शुरू की गई इन तैयारियों से साफ जाहिर होता है कि उद्धव गुट इस बार चुनाव में किसी भी तरह की चूक नहीं करना चाहता है. महाराष्ट्र के चुनावी मैदान में अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने के लिए यह पार्टी का एक बड़ा और सुनियोजित कदम है, जिससे महाविकास अघाड़ी के भीतर भी चुनावी सरगर्मी और रणनीति पर नए सिरे से मंथन शुरू हो गया है.
Author: Shivam Verma
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