UP News : उत्तर प्रदेश भाजपा में इन दिनों हलचल के बीच एक अहम संगठनात्मक निर्णय सामने आया है। पार्टी नेतृत्व ने छह फरवरी तक राजधानी लखनऊ आने पर कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की आवाजाही पर रोक लगा दी है। निर्देश स्पष्ट हैं कि बिना किसी ठोस और आवश्यक कारण के कोई भी नेता या पदाधिकारी प्रदेश मुख्यालय न पहुंचे। आदेश की अनदेखी करने वालों पर संगठन की नाराजगी भी सामने आ रही है।
प्रदेश मुख्यालय में सन्नाटा
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मुख्यालय पर इन दिनों असामान्य सन्नाटा देखा जा रहा है। आमतौर पर यहां नेताओं और कार्यकर्ताओं की चहल-पहल रहती है, लेकिन नए निर्देशों के बाद गतिविधियां सीमित हो गई हैं। संगठन ने साफ कर दिया है कि छह फरवरी तक सभी जिम्मेदार अपने-अपने क्षेत्रों में ही रहकर संगठनात्मक कार्यों पर ध्यान दें।
इस फैसले का असर केवल पार्टी कार्यालय तक सीमित नहीं रहा। विधानसभा और विधान परिषद की सभी समितियों की बैठकें और जिलों के भ्रमण कार्यक्रम भी छह फरवरी तक स्थगित कर दिए गए हैं। इस संबंध में विधानसभा और विधान परिषद सचिवालय की ओर से औपचारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं, जिनमें पहले से तय बैठकों और दौरों को भी तत्काल प्रभाव से रद्द करने के निर्देश दिए गए हैं।
गहन मतदाता पुनरीक्षण बना मुख्य वजह
हालांकि आदेशों में कारण का स्पष्ट उल्लेख नहीं है, लेकिन इन सभी फैसलों के पीछे गहन मतदाता पुनरीक्षण यानी एसआईआर को ही मुख्य वजह माना जा रहा है। एसआईआर की अंतिम तिथि भी छह फरवरी है और पार्टी इस अभियान को किसी भी हाल में कमजोर नहीं पड़ने देना चाहती।
एसआईआर को प्रभावी बनाने के लिए भाजपा ने प्रदेश मुख्यालय में एक विशेष वार रूम स्थापित किया है। यहां पदाधिकारियों के साथ वालंटियरों की एक पूरी टीम तैनात की गई है, जो प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों की लगातार निगरानी कर रही है। प्रत्येक क्षेत्र की प्रगति पर नजर रखी जा रही है।
महामंत्री संगठन की सीधी निगरानी
महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह स्वयं इस पूरे अभियान की मॉनीटरिंग कर रहे हैं। जिन विधानसभा क्षेत्रों में नए मतदाताओं के पंजीकरण की रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी पाई गई है, वहां के विधायकों या संभावित प्रत्याशियों को सीधे फोन कर स्थिति सुधारने के निर्देश दिए जा रहे हैं। उन्हें अपने क्षेत्रों में ही डेरा डालने, कार्यकर्ताओं से नियमित फीडबैक लेने और अभियान को तेज करने के लिए कहा गया है। विधान परिषद सदस्यों को भी उन क्षेत्रों में जिम्मेदारी सौंपी गई है, जहां एसआईआर का काम कमजोर रहा है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुई समीक्षा, बढ़ी रफ्तार
बुधवार को भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एसआईआर की समीक्षा की गई। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, बीते दो-तीन दिनों में नए मतदाताओं को जोड़ने की प्रक्रिया में उल्लेखनीय तेजी आई है। अब तक प्रदेश भर में 36 लाख से अधिक नए मतदाता जोड़े जा चुके हैं। संगठन का साफ संदेश है कि छह फरवरी तक सभी कार्यकर्ता पूरी तरह अपने-अपने क्षेत्रों में जुटे रहें और अनावश्यक रूप से लखनऊ आने से बचें।
Author: Shivam Verma
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