Venezuela में बुधवार को आए दो शक्तिशाली भूकंपों ने भारी तबाही मचाई है। रिक्टर स्केल पर 7.2 और 7.5 की तीव्रता वाले इन झटकों ने देश के कई हिस्सों को मलबे में तब्दील कर दिया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस आपदा में अब तक 164 लोगों की जान जा चुकी है और 971 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। मलबे के नीचे अभी भी कई लोगों के दबे होने की आशंका है, जिससे मृतकों की संख्या में और वृद्धि हो सकती है।
यह भूकंप पिछले एक सदी में वेनेजुएला में आई सबसे भीषण प्राकृतिक आपदा मानी जा रही है। झटके इतने शक्तिशाली थे कि इसका असर राजधानी काराकास से 1700 किलोमीटर दूर ब्राजील के अमेजन क्षेत्र तक महसूस किया गया। फिलहाल, बचाव दल और सुरक्षा एजेंसियां युद्ध स्तर पर मलबे को हटाने और फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के काम में जुटी हुई हैं, लेकिन ढही हुई इमारतों के कारण राहत कार्य में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
संकट की इस घड़ी में दुनिया भर के नेताओं ने वेनेजुएला के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है। यूरोपीय संघ की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने प्रभावित परिवारों के साथ एकजुटता जाहिर की है। वहीं, अमेरिका की ओर से भी त्वरित सहायता भेजने और खोज एवं बचाव दल तैनात करने का आश्वासन दिया गया है, जिसकी सराहना वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने की है।
ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने भी हर संभव मदद का वादा किया है और अपने विदेश मंत्रालय को स्थिति का जायजा लेने के निर्देश दिए हैं। दूसरी ओर, वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो ने देशवासियों से इस मुश्किल समय में धैर्य और साहस बनाए रखने की अपील की है। सोशल मीडिया के माध्यम से उन्होंने लोगों से एक-दूसरे की मदद करने और एकजुट रहने का आग्रह किया है।
वर्तमान में वेनेजुएला सरकार अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सहयोग से राहत कार्यों को तेज कर रही है। देश की कार्यवाहक राष्ट्रपति ने उन सभी देशों का आभार जताया है जिन्होंने संकट के इस समय में आगे आकर मदद का हाथ बढ़ाया है। फिलहाल पूरे देश में गम और अफरा-तफरी का माहौल है, जबकि प्राथमिकता मलबे में दबे आखिरी व्यक्ति तक पहुंचने की है।
Author: Shivam Verma
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