UP Rajyasabha Election: उत्तर प्रदेश की राजनीति में राज्यसभा चुनावों को लेकर सरगर्मी काफी तेज हो चुकी है। राज्य में भारतीय जनता पार्टी अपनी स्थिति को और मजबूत करने के लिए पूरी तरह से तैयार नजर आ रही है। पार्टी के पास मौजूदा समीकरणों के हिसाब से आसानी से आठ सीटों पर जीत पक्की करने का रास्ता साफ दिखाई दे रहा है, लेकिन अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा इस बात की है कि क्या भगवा दल नौवीं सीट पर भी अपना दावा ठोक सकता है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि नौवीं सीट के आंकड़े को छूने के लिए भारतीय जनता पार्टी को रणनीतिक तौर पर कुछ और मतों की जरूरत होगी। गुणा-गणित के मुताबिक, नौवीं जीत का स्वाद चखने के लिए पार्टी को कम से कम 25 और अतिरिक्त वोटों की सख्त आवश्यकता पड़ेगी। यही वजह है कि लखनऊ से लेकर दिल्ली तक के राजनीतिक दरबार में बैठकों का दौर शुरू हो चुका है और हर एक वोट का हिसाब लगाया जा रहा है।
इस पूरे सियासी घटनाक्रम में सबसे बड़ा और दिलचस्प मोड़ विपक्षी खेमे से आता दिख रहा है। सत्ताधारी दल की निगाहें अब मुख्य विपक्षी पार्टी समाजवादी पार्टी के भीतर चल रही हलचल और उनके बागी विधायकों पर टिकी हुई हैं। यदि विपक्ष के कुछ विधायक अपनी पार्टी से बगावत करके क्रॉस वोटिंग का रास्ता चुनते हैं, तो बीजेपी का नौवीं सीट को जीतने का सपना बहुत आसानी से सच साबित हो सकता है।
आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश का यह राज्यसभा चुनाव बेहद रोमांचक और अप्रत्याशित मोड़ लेता हुआ नजर आ रहा है। सभी राजनीतिक दलों ने अपने पत्ते अभी पूरी तरह से खुले नहीं किए हैं, लेकिन पर्दे के पीछे जोड़-तोड़ की राजनीति जोरों पर है। देखना यह होगा कि क्या बीजेपी अपने इस मास्टर प्लान में कामयाब हो पाती है या फिर सपा अपने विधायकों को एकजुट रखने में सफल रहती है।










