Hapur News: हापुड़ में वाहन ठगी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने स्थानीय प्रशासनिक व्यवस्था और पुलिस कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। थाना बाबूगढ़ क्षेत्र में सक्रिय एक संगठित गिरोह द्वारा चोरी और फाइनेंस के वाहनों को वैध बताकर बेचने का खुलासा हुआ है। लंबे समय तक शिकायतों के बावजूद कार्रवाई न होने पर पीड़ित को न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। अब कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने तीन आरोपितों के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
न्याय के लिए दर-दर भटका पीड़ित
जिला बहराइच के काजीपुरा निवासी शाहिद अहमद ने बताया कि ठगी का शिकार होने के बाद वह लगातार थाना बाबूगढ़ पुलिस और अन्य अधिकारियों के पास जाते रहे, लेकिन उनकी शिकायत पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। निराश होकर उन्होंने न्यायालय का रुख किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने पुलिस को तत्काल FIR दर्ज करने का निर्देश दिया।
पीड़ित के अनुसार, यह गिरोह सुनियोजित तरीके से कई जिलों में सक्रिय था। इसमें बहराइच के मशकूर खान, हापुड़ के आयादनगर निवासी पंकज शर्मा और गाजियाबाद के प्रताप विहार निवासी इजराइल खान शामिल हैं। ये आरोपी चोरी और फाइनेंस के वाहनों को खरीदकर उन्हें असली और वैध बताकर आगे बेचते थे।
वाहन बेचने की पूरी चेन का खुलासा
जांच में सामने आया कि पंकज शर्मा ने UP-37 B-5936 नंबर की कार 18 नवंबर 2014 को इजराइल खान को 4.75 लाख रुपये में बेची थी। इसके बाद इजराइल खान ने 20 अगस्त 2021 को वही कार मशकूर खान को 2 लाख रुपये में बेच दी। अंततः मशकूर खान ने यह वाहन शाहिद अहमद को बेच दिया।
जब शाहिद अहमद ने वाहन के दस्तावेजों की जांच कराई, तो पता चला कि यह वाहन चोरी का है। इसके बाद उन्होंने अपने पैसे वापस मांगने की कोशिश की, लेकिन आरोप है कि मशकूर खान ने स्टांप पेपर पर इकरारनामा तैयार कराकर उन्हें गुमराह किया। इतना ही नहीं, उल्टा पीड़ित के खिलाफ ही मामला दर्ज करा दिया गया।
पुलिस ने शुरू की गहन जांच
थाना बाबूगढ़ के प्रभारी निरीक्षक मुनीष प्रताप चौहान ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर तीनों आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की गहन जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
Author: Shivam Verma
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