Shahjahanpur News: शाहजहाँपुर में नगर निगम की कार्यशैली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। आवंटित भूमि पर सड़क चौड़ीकरण के नाम पर चलाए गए बुलडोज़र के बाद अब प्रशासन द्वारा नोटिस भेजे जाने से पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है।
बिना नोटिस कार्रवाई का आरोप
पीड़ित पक्ष ने नगर निगम पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि पहले बिना किसी पूर्व सूचना के बुलडोज़र चलाकर उनकी जगह खाली करा ली गई। इसके बाद अब उसी भूमि को लेकर निरस्तीकरण का नोटिस भेजा जा रहा है। इस क्रम ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
पूरा मामला महानगर के मोहल्ला मोहम्मद ज़ई मंडी का है, जहां कॉरिडोर के सौंदर्यीकरण के तहत सड़क चौड़ीकरण का काम चल रहा है। इसी परियोजना के अंतर्गत नगर निगम ने कथित रूप से कार्रवाई करते हुए संबंधित भूमि को खाली कराया था।

भूखंड संख्या 1145 को लेकर विवाद
पीड़ित खालिद खाँ का कहना है कि भूखंड संख्या 1145 पर उनके पास लगभग 6 से 7 फुट तक की ही जगह थी, जिसे बिना नोटिस दिए खाली करा लिया गया। वहीं अब नगर निगम प्रशासन उसी भूखंड के 11×28 फुट हिस्से को आवंटित भूमि बताते हुए निरस्तीकरण का नोटिस भेज रहा है।
पीड़ित का यह भी आरोप है कि जिस अतिरिक्त भूमि की बात नगर निगम कर रहा है, उस पर किसी अन्य व्यक्ति का कब्जा है। ऐसे में सवाल उठता है कि उस हिस्से को खाली कराने के लिए अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
दस्तावेजों को बताया गया था फर्जी
पीड़ित के अनुसार, पहले सहायक नगर आयुक्त ने उनके दस्तावेजों को फर्जी बताते हुए उन्हें देखने तक की ज़हमत नहीं उठाई। वहीं अब उसी विभाग द्वारा उसी भूखंड के बड़े हिस्से का हवाला देकर नोटिस जारी किया जा रहा है, जिससे स्थिति और अधिक उलझन भरी हो गई है।
फिलहाल, इस पूरे मामले पर नगर निगम की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं लगातार बदलती कार्यशैली और आरोपों के बीच नगर निगम प्रशासन की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
Author: Shivam Verma
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