Lucknow News: लोकदल ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर अपना स्पष्ट रुख सामने रखते हुए महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण की मांग की है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंह ने कहा कि महिलाओं का वास्तविक सम्मान तभी संभव है, जब उन्हें उनकी जनसंख्या के अनुपात में समान भागीदारी मिले।
33 प्रतिशत आरक्षण को बताया अपर्याप्त
सुनील सिंह ने कहा कि देश की आबादी में महिलाओं की हिस्सेदारी लगभग आधी है, ऐसे में उन्हें केवल 33 प्रतिशत आरक्षण देना न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि लोकदल महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण की मांग को मजबूती से उठाता रहेगा, ताकि उन्हें बराबरी का अधिकार मिल सके।
समान अवसर से ही संभव सशक्तिकरण
उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल घोषणाओं या सीमित प्रावधानों से संभव नहीं है। इसके लिए जरूरी है कि महिलाओं को राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक क्षेत्रों में बराबर अवसर प्रदान किए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि आरक्षण व्यवस्था का समय-समय पर पुनरावलोकन होना चाहिए, ताकि बदलती जनसंख्या संरचना के अनुसार सभी वर्गों को न्यायपूर्ण प्रतिनिधित्व मिल सके।
शिक्षा और रोजगार में भागीदारी पर जोर
लोकदल अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि महिलाओं के उत्थान के लिए केवल तात्कालिक लाभ देने वाली योजनाएं पर्याप्त नहीं हैं। शिक्षा, रोजगार और निर्णय प्रक्रिया में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना ही वास्तविक सशक्तिकरण की दिशा में सार्थक कदम होगा। पार्टी ने केंद्र सरकार से मांग की है कि महिला आरक्षण को व्यापक और प्रभावी स्वरूप में लागू किया जाए, ताकि यह केवल एक राजनीतिक घोषणा न रहकर सामाजिक परिवर्तन का आधार बन सके।
Author: Shivam Verma
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