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UP Census 2026: यूपी में पहली बार शुरू हुई डिजिटल स्वगणना, CM योगी ने पोर्टल पर दर्ज की अपनी जानकारी

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UP Census 2026: उत्तर प्रदेश में जनगणना प्रक्रिया को डिजिटल बनाने की दिशा में गुरुवार से एक नई पहल शुरू हो गई। राज्य में पहली बार “स्वगणना” व्यवस्था लागू की गई है, जिसके तहत नागरिक अब अपनी जनगणना संबंधी जानकारी स्वयं ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज कर सकेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज गुरुवार को इस अभियान की औपचारिक शुरुआत करते हुए पोर्टल पर अपनी जानकारी भरकर इसकी शुरुआत की।

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राज्य सरकार का कहना है कि इस डिजिटल पहल का उद्देश्य जनगणना प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, तेज और तकनीकी रूप से सशक्त बनाना है। इसके जरिए लोगों को घर बैठे अपनी जानकारी दर्ज करने की सुविधा मिलेगी, वहीं डेटा संग्रहण में लगने वाला समय भी कम होगा।

21 मई तक चलेगी स्वगणना प्रक्रिया

प्रशासन की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, स्वगणना प्रक्रिया 7 मई से शुरू होकर 21 मई तक चलेगी। इस अवधि में प्रदेश के नागरिक अपने मोबाइल नंबर के माध्यम से पोर्टल पर लॉगिन कर सकेंगे और निर्धारित जानकारी भर सकेंगे।

पोर्टल पर नागरिकों से परिवार के सदस्यों की संख्या, शिक्षा, रोजगार, आवास, सामाजिक स्थिति समेत अन्य जरूरी जानकारियों से जुड़े कुल 34 सवाल पूछे जाएंगे। सरकार के अनुसार, सभी जानकारियां डिजिटल रूप से सुरक्षित रखी जाएंगी।

अधिकारियों ने बताया कि जिन लोगों को ऑनलाइन प्रक्रिया में किसी प्रकार की दिक्कत होगी, उनके लिए सहायता केंद्र भी स्थापित किए जा रहे हैं, ताकि कोई भी व्यक्ति इस अभियान से वंचित न रह जाए।

22 मई से घर-घर पहुंचेगी जनगणना टीम

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि स्वगणना प्रक्रिया पूरी होने के बाद 22 मई से जनगणना कर्मी घर-घर जाकर जानकारी का सत्यापन करेंगे। जो लोग ऑनलाइन माध्यम से जानकारी दर्ज नहीं कर पाएंगे, उनकी जानकारी जनगणना टीम द्वारा सीधे एकत्र की जाएगी।

सरकार के मुताबिक, इस बार पूरी प्रक्रिया को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने का मुख्य उद्देश्य डेटा की सटीकता बढ़ाना और फर्जी या दोहराव वाली प्रविष्टियों को रोकना है। साथ ही इससे प्रशासन को विकास योजनाओं के लिए वास्तविक और भरोसेमंद आंकड़े उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

डिजिटल जनगणना से मिलेगी योजनाओं को मजबूती

विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल स्वगणना व्यवस्था भविष्य में सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में अहम भूमिका निभा सकती है। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और शहरी विकास जैसी योजनाओं के लिए अधिक सटीक आंकड़े उपलब्ध होंगे।

राज्य सरकार इस पहल को “जनभागीदारी आधारित जनगणना” के रूप में प्रस्तुत कर रही है। अधिकारियों ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे निर्धारित समय के भीतर पोर्टल पर सही जानकारी दर्ज करें और इस महत्वपूर्ण अभियान में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।

Shivam Verma
Author: Shivam Verma

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