UP Board Toppers 2026: राजधानी लखनऊ के लोकभवन में सोमवार को आयोजित मेधावी विद्यार्थी सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी बोर्ड, संस्कृत शिक्षा परिषद, सीबीएसई और आईसीएसई के राज्य स्तरीय मेधावियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने छात्रों से छात्राओं से प्रेरणा लेने का संदेश देते हुए कहा कि घर के कार्यों में परिवार का सहयोग करने के बावजूद छात्राएं पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं और मेरिट सूची में अधिक स्थान हासिल कर रही हैं।
223 राज्य स्तरीय मेधावियों को मिला सम्मान
समारोह में यूपी बोर्ड और संस्कृत शिक्षा परिषद के टॉप-10 विद्यार्थियों के साथ सीबीएसई और आईसीएसई के सर्वोच्च 10-10 विद्यार्थियों समेत कुल 223 राज्य स्तरीय मेधावियों को सम्मानित किया गया। सभी विद्यार्थियों को एक-एक लाख रुपये, एक-एक टैबलेट, प्रशस्ति पत्र और मेडल प्रदान किए गए।
इसके अलावा 11 विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और शिक्षकों को भी शॉल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
“परिश्रम का परिणाम हमेशा सुखद होता है”
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि परिश्रम का परिणाम हमेशा सुखद होता है। उन्होंने कहा कि जब मेरिट सूची पर नजर डाली जाती है तो स्पष्ट दिखाई देता है कि छात्राएं, जो घर के कामकाज में भी परिवार की सहायता करती हैं, पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने छात्रों से अपील करते हुए कहा कि उन्हें छात्राओं से प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्राएं माता-पिता का हाथ बंटाने के साथ-साथ शिक्षा के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय सफलता प्राप्त कर रही हैं और यह सभी विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक है।
मेरिट सूची में छात्राओं का रहा दबदबा
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष राज्य स्तर पर 223 टॉप-10 विद्यार्थियों के साथ-साथ जिला स्तर पर टॉप-10 में आने वाले 1459 विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया जा रहा है। उन्होंने इसे विद्यार्थियों के जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव बताया।
आंकड़ों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि 223 राज्य स्तरीय मेधावियों में 85 छात्र और 138 छात्राएं शामिल हैं। माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल परीक्षा में टॉप करने वाले 115 विद्यार्थियों में 34 छात्र और 81 छात्राएं हैं। वहीं इंटरमीडिएट की मेरिट सूची में 9 छात्र और 14 छात्राएं शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्राएं अधिक मेहनत करती हैं और अधिक अंक प्राप्त करने की क्षमता रखती हैं। उन्होंने कहा कि वे पढ़ाई के साथ-साथ अपने माता-पिता का भी सहयोग करती हैं। इसी दौरान उन्होंने हल्के अंदाज में कहा कि लगता है अब लड़के झाड़ू-पोंछा ज्यादा लगाने लगे हैं और मोहल्ले में भी काम करने लगे हैं। उन्होंने दोहराया कि छात्रों को छात्राओं से सीख लेते हुए अपने जीवन में आगे बढ़ना चाहिए।
“यह अंत नहीं, नई यात्रा की शुरुआत है”
समारोह में माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि लाखों विद्यार्थियों के बीच सर्वोच्च स्थान प्राप्त करना आसान नहीं होता और इसके पीछे विद्यार्थियों की दिन-रात की मेहनत होती है।
उन्होंने कहा कि यह सम्मान समारोह केवल सम्मान का अवसर नहीं, बल्कि जीवन में आगे बढ़ने का उत्सव है। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह उनकी यात्रा का अंतिम पड़ाव नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है। आगे जीवन में अनेक चुनौतियां आएंगी, जिनका सामना संकल्प और लक्ष्य के प्रति समर्पण के साथ करना होगा।
गुलाब देवी ने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे जो बनना चाहते हैं, उसकी तैयारी अभी से शुरू करें। उन्होंने कहा कि संकल्प का कोई विकल्प नहीं होता और लक्ष्य को बार-बार बदलना सफलता की राह में बाधा बन सकता है।
अभिभावकों के योगदान को सराहा
राज्य मंत्री ने विद्यार्थियों की सफलता में अभिभावकों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि माता-पिता अपने बच्चों की हर आवश्यकता पूरी करने के लिए संघर्ष करते हैं। विशेष रूप से छात्राओं को आगे बढ़ाने के लिए कई अभिभावकों को सामाजिक और रूढ़िवादी सोच का भी सामना करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि बच्चे परिवार की सबसे बड़ी धरोहर होते हैं और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए परिवार का सहयोग अत्यंत आवश्यक है।
मोबाइल के उपयोग और संवाद पर दिया जोर
गुलाब देवी ने कहा कि आज के समय में मोबाइल एक उपयोगी साधन है, लेकिन अभिभावकों को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि बच्चे इसका सही उपयोग करें। उन्होंने सुझाव दिया कि जब बच्चे हाईस्कूल में पहुंच जाएं तो अभिभावकों को उनके साथ मित्रवत व्यवहार करना चाहिए, ताकि वे अपनी समस्याएं और भावनाएं खुलकर साझा कर सकें।
शिक्षकों को बताया समाज का आदर्श
माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री ने शिक्षकों की भूमिका पर भी विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज में विशिष्ट स्थान रखते हैं और अभिभावक अपने बच्चों को उनके भरोसे सौंपते हैं। ऐसे में शिक्षकों का व्यवहार, व्यक्तित्व और कार्यशैली विद्यार्थियों पर गहरा प्रभाव डालती है।
उन्होंने कहा कि शिक्षकों को बच्चों के सामने आदर्श प्रस्तुत करना चाहिए, क्योंकि गुरु से बढ़कर कोई नहीं होता। साथ ही उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर माध्यमिक शिक्षा विभाग ने सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष यूपी बोर्ड की परीक्षा नकलविहीन और पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न हुई। न तो पेपर लीक हुआ और न ही प्रश्नपत्र समय से पहले खोले गए। इसके लिए उन्होंने सभी संबंधित लोगों को बधाई दी।
Author: Shivam Verma
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