Rising Obesity: ऑस्ट्रेलिया में मोटापा एक गंभीर जनस्वास्थ्य समस्या के रूप में उभरकर सामने आया है। ऑस्ट्रेलियन इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ एंड वेलफेयर (AIHW) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, देश के वयस्क नागरिकों में वजन बढ़ने की समस्या ने विकराल रूप ले लिया है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 18 वर्ष से अधिक आयु के लगभग 32.8 प्रतिशत ऑस्ट्रेलियाई वयस्क वर्तमान में मोटापे से जूझ रहे हैं, जो देश के लिए एक चिंताजनक संकेत है।
रिपोर्ट का विश्लेषण करने पर पता चलता है कि यह समस्या पिछले एक दशक में लगातार बढ़ती जा रही है। अगर हम वर्ष 2014-15 के आंकड़ों पर नजर डालें, तो उस समय मोटापे की दर 27.9 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर 32.8 प्रतिशत तक पहुंच गई है। इसके अलावा, करीब 67.1 प्रतिशत वयस्क ऐसे हैं जिनका वजन सामान्य से अधिक है या वे मोटापे की श्रेणी में आते हैं। विशेष रूप से गंभीर मोटापे के मामलों में भी इजाफा देखा गया है, जो 11.7 प्रतिशत से बढ़कर अब 13 प्रतिशत हो गया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह स्वास्थ्य संकट अब केवल वयस्कों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि बच्चों में भी इसके लक्षण तेजी से दिख रहे हैं। 5 से 17 वर्ष की आयु के बच्चों में भी अधिक वजन और मोटापे की दर 24.9 प्रतिशत से बढ़कर 28.1 प्रतिशत तक पहुंच गई है। एआईएचडब्ल्यू की प्रवक्ता एमी यंग का कहना है कि मोटापा वर्तमान में तंबाकू सेवन जैसी आदतों को पीछे छोड़कर बीमारी और मृत्यु का सबसे बड़ा जोखिम कारक बन गया है।
इस स्थिति का आर्थिक असर भी बहुत गहरा है। साल 2023-24 के दौरान ऑस्ट्रेलिया में मोटापे के सीधे इलाज पर करीब 800 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर खर्च किए गए। इसके अतिरिक्त, मोटापे से जुड़ी अन्य गंभीर बीमारियों के प्रबंधन पर करीब 10 अरब ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की भारी-भरकम राशि खर्च हुई है। यह स्थिति स्पष्ट करती है कि बढ़ता मोटापा न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य के लिए, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था के लिए भी एक बड़ी चुनौती है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, मोटापा एक जटिल बीमारी है जो अक्सर कैलोरी के असंतुलित सेवन और खर्च के कारण होती है। हालांकि इसमें आनुवंशिक, पर्यावरणीय और जीवनशैली से जुड़े कारक भी बड़ी भूमिका निभाते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते आहार और जीवनशैली में बदलाव नहीं किया गया, तो आने वाले समय में स्वास्थ्य सेवाओं पर बोझ और अधिक बढ़ सकता है।











