बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवाती तूफान अर्नब अब बेहद खतरनाक रूप अख्तियार कर चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक, यह भीषण चक्रवात आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों से टकराने के बाद देश के उत्तरी हिस्सों की तरफ बढ़ सकता है। इस वेदर सिस्टम के चलते तटीय राज्यों के साथ-साथ उत्तर भारत के कई इलाकों में भी मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने के पूरे आसार हैं। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि इस तूफान का दायरा सिर्फ समुद्र तट तक ही सीमित नहीं रहने वाला है, बल्कि इसका असर दूरदराज के मैदानी इलाकों तक दिखाई देगा।
मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, लैंडफॉल की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इस शक्तिशाली चक्रवात के अवशेष उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर रुख करेंगे। इसके बाद इनके उत्तर प्रदेश और पड़ोसी देश नेपाल तक पहुंचने की पूरी संभावना जताई जा रही है। हैरानी की बात यह है कि रास्ते में यह सिस्टम पाकिस्तान की तरफ से आने वाले पश्चिमी विक्षोभ यानी वेस्टर्न डिस्टरबेंस से टकरा सकता है। इन दोनों मौसमी तंत्रों के आपस में मिलने से उत्तरी भारत और नेपाल के तमाम क्षेत्रों में भारी से भारी बारिश होने की आशंका बढ़ गई है, जिससे प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है.
चक्रवात अर्नब के इस खतरनाक सफर का असर राजधानी दिल्ली और उससे सटे एनसीआर के इलाकों पर भी देखने को मिल सकता है। हालांकि इसका सीधा प्रहार तटीय क्षेत्रों जितना भयंकर नहीं होगा, लेकिन नमी से भरी हवाओं के कारण यहां भी झमाझम बारिश और तेज हवाएं चलने की उम्मीद है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में भी मॉनसून जैसी बारिश वापसी कर सकती है, जिससे नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी होने और निचले इलाकों में जलभराव का खतरा पैदा हो सकता है।
दूसरी तरफ, नेपाल के पहाड़ी इलाकों में इस चक्रवात के अवशेष भारी आफत ला सकते हैं। वहां मूसलाधार बारिश के साथ-साथ ऊंचे पहाड़ों पर बर्फबारी होने की भी चेतावनी जारी की गई है, जिससे कोशी, बागमती और लुंबिनी जैसे प्रांतों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। नेपाल के स्थानीय प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।
जलवायु वैज्ञानिकों का कहना है कि ग्लोबल वार्मिंग और समुद्र के बढ़ते तापमान की वजह से अब बंगाल की खाड़ी में उठने वाले चक्रवात बेहद तेजी से ताकतवर हो रहे हैं। चक्रवात अर्नब भी इसका एक ताजा उदाहरण है, जो महज 24 घंटे के भीतर अपनी रफ्तार बढ़ाकर अत्यंत भीषण रूप ले चुका है। फिलहाल आंध्र प्रदेश में एहतियात के तौर पर स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं और एनडीआरएफ की टीमों को तैनात कर दिया गया है। आम जनता को भी सलाह दी गई है कि वे मौसम विभाग के ताजा अपडेट्स पर लगातार नजर बनाए रखें और अनावश्यक यात्रा करने से बचें।










