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Sitapur News: 72 घंटे में सुलझी मनोज शुक्ला हत्याकांड की गुत्थी, नौकरी बचाने के लिए नर्स ने दी थी 50 हजार की सुपारी

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Sitapur News: सीतापुर जिले के महमूदाबाद क्षेत्र में 3 जुलाई 2026 को हुए चर्चित मनोज शुक्ला हत्याकांड का पुलिस ने महज 72 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। इस सनसनीखेज मामले में पुलिस जांच के दौरान जो तथ्य सामने आए, उन्होंने पूरे घटनाक्रम को नया मोड़ दे दिया। पुलिस के अनुसार, हत्या की साजिश रचने वाली मुख्य आरोपी एक नर्स निकली, जिसने अपनी नौकरी छिन जाने के डर से 50 हजार रुपये की सुपारी देकर वारदात को अंजाम दिलवाया। पुलिस और एसओजी टीम ने कार्रवाई करते हुए नर्स समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है तथा हत्या में प्रयुक्त सामान भी बरामद कर लिया है।

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3 जुलाई की शाम हुई थी मनोज शुक्ला की हत्या

रिपोर्टर उत्तम कुमार गुप्ता के अनुसार, 3 जुलाई 2026 की शाम बरदही बाजार के पास मनोज शुक्ला की डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल के निर्देश पर महमूदाबाद पुलिस और एसओजी टीम ने संयुक्त रूप से जांच शुरू की। टेक्निकल सर्विलांस और मुखबिरों से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने महज 72 घंटे के भीतर पूरे मामले का खुलासा कर दिया।

नौकरी जाने के डर से रची गई हत्या की साजिश

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि इस हत्याकांड की मुख्य साजिशकर्ता जय देवी उर्फ जया है, जो फतेहपुर स्थित न्यू हिन्द हॉस्पिटल में नर्स के रूप में कार्यरत है। पुलिस के अनुसार, मृतक मनोज शुक्ला कथित तौर पर अस्पताल और जय देवी के खिलाफ लगातार शिकायतें कर रहा था तथा उसे नौकरी से निकलवाने की धमकी भी दे रहा था।

इसी तनाव और नौकरी चले जाने की आशंका के चलते जय देवी ने मनोज शुक्ला को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। उसने राजू नामक व्यक्ति को हत्या के लिए 50 हजार रुपये की सुपारी दी और पहचान सुनिश्चित करने के लिए मनोज शुक्ला की पासपोर्ट साइज फोटो भी उपलब्ध कराई।

बीच रास्ते में रोककर डंडों से किया गया हमला

पुलिस के अनुसार, पूर्व निर्धारित योजना के तहत 3 जुलाई की रात राजू और उसके साथी विनोद कुमार वर्मा ने बरदही बाजार के पास मनोज शुक्ला को बीच रास्ते में रोक लिया। इसके बाद दोनों ने उन पर डंडों से ताबड़तोड़ हमला किया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

व्हाट्सएप वॉइस मैसेज से दी गई थी हत्या पूरी होने की सूचना

जांच में यह भी सामने आया कि वारदात को अंजाम देने के बाद राजू और विनोद ने जय देवी को व्हाट्सएप पर वॉइस मैसेज भेजकर हत्या पूरी होने की जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक, सौदे के तहत जय देवी ने आरोपियों को पहले ही 30 हजार रुपये एडवांस दिए थे, जबकि शेष 20 हजार रुपये बाद में देने तय हुए थे।

पूछताछ में यह भी पता चला कि आरोपियों ने सुपारी की रकम में से 12,500 रुपये खर्च कर एक नया पोको (Poco) स्मार्टफोन खरीद लिया था।

तीनों आरोपी गिरफ्तार, हत्या में प्रयुक्त सामान बरामद

अपर पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी) दुर्गेश कुमार सिंह तथा क्षेत्राधिकारी महमूदाबाद वेदप्रकाश श्रीवास्तव की निगरानी में पुलिस ने सबसे पहले मुख्य साजिशकर्ता जय देवी को गिरफ्तार किया। इसके बाद घेराबंदी कर राजू और विनोद कुमार वर्मा को भी दबोच लिया गया।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हत्या में इस्तेमाल किए गए दो लकड़ी के डंडे, 12,500 रुपये नकद, एक एचएफ डीलक्स (HF Deluxe) मोटरसाइकिल, हत्या की रकम से खरीदा गया नया पोको मोबाइल, एक पुराना मोबाइल तथा मृतक मनोज शुक्ला की पासपोर्ट साइज फोटो बरामद की है।

कोर्ट में पेश किए जाएंगे आरोपी

महमूदाबाद पुलिस ने तीनों आरोपियों—जय देवी, राजू और विनोद कुमार वर्मा—के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी कर ली है। पुलिस अब सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की तैयारी कर रही है। इस चर्चित ब्लाइंड मर्डर केस का 72 घंटे के भीतर खुलासा होने को पुलिस और एसओजी टीम के बेहतर समन्वय तथा तकनीकी जांच का महत्वपूर्ण परिणाम माना जा रहा है।

Shivam Verma
Author: Shivam Verma

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