Commonwealth Games: साउथ अफ्रीका के दिग्गज तैराक चाड ले क्लोस ने कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में अपना नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज करवा लिया है। ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के दौरान, 34 वर्षीय ले क्लोस ने पुरुषों की 4×100 मीटर फ्रीस्टाइल रिले स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर एक नई उपलब्धि हासिल की। यह इस टूर्नामेंट के इतिहास में किसी भी पुरुष एथलीट द्वारा जीता गया अब तक का सर्वाधिक पदक है।
ले क्लोस ने इस जीत के साथ ही ऑस्ट्रेलिया के फिल एडम्स और इंग्लैंड के मिक गॉल्ट के संयुक्त रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। इन दोनों खिलाड़ियों के नाम कॉमनवेल्थ गेम्स में 18-18 मेडल दर्ज थे, जिन्हें अब चाड ले क्लोस ने अपने 19वें मेडल के साथ तोड़ दिया है। अपनी इस शानदार सफलता के बाद ले क्लोस का कहना है कि यह मेडल उनके लिए बेहद खास है और इसके लिए उनकी मेहनत रंग लाई है।
अगर हम चाड ले क्लोस के शानदार सफर पर नजर डालें, तो उन्होंने अपने कॉमनवेल्थ करियर की शुरुआत साल 2010 के दिल्ली गेम्स से की थी। अपने पहले ही कॉमनवेल्थ खेलों में 18 साल की उम्र में 5 पदक जीतकर उन्होंने पूरी दुनिया को अपनी काबिलियत से हैरान कर दिया था। ग्लासगो 2026 उनके करियर का पांचवां कॉमनवेल्थ संस्करण है, जहाँ उन्होंने अपनी निरंतरता का परिचय देते हुए इतिहास रचा है।
उनकी मेडल टैली में वर्तमान में 7 गोल्ड, 4 सिल्वर और 8 ब्रॉन्ज शामिल हैं, जो उनके लंबे और सफल करियर की कहानी बयां करते हैं। हालांकि, उनका सफर अभी यहीं समाप्त नहीं हुआ है। अभी ले क्लोस के पास 50 मीटर और 100 मीटर बटरफ्लाई स्पर्धाओं में भी अपना दम दिखाने का मौका है, जहां वे अपने पदकों की संख्या को और आगे बढ़ा सकते हैं।
अपनी उम्र के इस पड़ाव पर भी चाड ले क्लोस के हौसले बुलंद हैं। खबरों के अनुसार, वह सिर्फ यहीं नहीं रुकना चाहते, बल्कि 2028 के लॉस एंजिल्स ओलंपिक में भी हिस्सा लेने की तैयारी कर रहे हैं। 4 ओलंपिक मेडल और 16 वर्ल्ड टाइटल जीतने वाले यह खिलाड़ी साबित कर रहे हैं कि खेल की दुनिया में उम्र सिर्फ एक संख्या मात्र है।
Author: Shivam Verma
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