World News: अमेरिका में फोर्स लेबर यानी जबरन श्रम के खिलाफ शुरू की गई एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई में भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। अमेरिकी प्रशासन ने सेक्शन 301 के अंतर्गत दुनिया भर के 60 देशों पर आयात शुल्क लगाने का निर्णय लिया है। इन देशों की सूची में शामिल भारत पर अमेरिका ने महज 10 प्रतिशत का टैरिफ लगाने का फैसला किया है, जो कई अन्य देशों की तुलना में काफी कम है। यह कदम वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला से जबरन श्रम को पूरी तरह समाप्त करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (USTR) ने इस नई नीति की जानकारी देते हुए बताया कि भारत ने फोर्स लेबर से निर्मित उत्पादों के आयात पर रोक लगाने के लिए प्रभावी कदम उठाए हैं। जून में प्रस्तावित कार्रवाई की घोषणा के बाद भारत सरकार ने अपने यहां प्रतिबंधों को जिस तत्परता से लागू किया, उसी का परिणाम है कि भारत को कम टैरिफ वाली श्रेणी में रखा गया है। भारत के साथ ही इस अनुकूल श्रेणी में ब्रिटेन, कनाडा, पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश जैसे देशों को भी स्थान दिया गया है।
दूसरी ओर, अमेरिका ने चीन, सऊदी अरब, वियतनाम, ब्राजील और संयुक्त अरब अमीरात सहित कई अन्य देशों पर 12.5 प्रतिशत का भारी टैरिफ लगाया है। इन देशों ने फोर्स लेबर के खिलाफ उतनी सख्ती से नीति नहीं अपनाई थी, जितनी अमेरिका द्वारा अपेक्षित थी। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक व्यापारिक फैसला नहीं है, बल्कि मानवाधिकारों के उल्लंघन को रोकने और वैश्विक श्रमिकों के कल्याण को सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया एक अनिवार्य कदम है।
इस पूरी प्रक्रिया में अमेरिका ने 12 मार्च को अपनी जांच शुरू की थी, जिसमें 45 से अधिक देशों के साथ गहन परामर्श और 2,100 से अधिक सार्वजनिक टिप्पणियों को दर्ज किया गया। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का मानना है कि दशकों के प्रयासों के बाद भी वैश्विक बाजारों से जबरन श्रम का खात्मा नहीं हो पाया है, इसलिए अब व्यापारिक साझेदारों पर दबाव बनाना जरूरी हो गया है।
गौरतलब है कि अमेरिका ने कुछ महत्वपूर्ण श्रेणियों जैसे दवाइयों, सेमीकंडक्टर निर्माण के उपकरणों और कच्चे माल को इन शुल्कों से छूट दी है, ताकि घरेलू आपूर्ति श्रृंखला में कोई बड़ा व्यवधान न आए। भारत के लिए यह राहत संकेत है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किए गए उसके सुधारात्मक प्रयासों को अमेरिका जैसे बड़े व्यापारिक साझेदार ने स्वीकार किया है और उसे व्यापार के अनुकूल वातावरण प्रदान किया है।
Author: Shivam Verma
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