CJP Protest: कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने हाल ही में देश की शिक्षा प्रणाली में आए संकट और छात्रों के व्यापक विरोध प्रदर्शनों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखे सवाल उठाए हैं। उन्होंने अपने हालिया लेख के जरिए मोदी सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सोनिया गांधी का कहना है कि सरकार शिक्षा के बुनियादी ढांचे को सुधारने के बजाय अपनी जवाबदेही से बचने की कोशिश कर रही है, जो भविष्य के लिए बेहद चिंताजनक है।
सोनिया गांधी ने नीट पेपर लीक जैसी घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि आज जो छात्र अपने भविष्य के लिए सड़कों पर उतरकर आवाज उठा रहे हैं, उन्हें सरकार देश का दुश्मन मानकर पेश कर रही है। उन्होंने दावा किया कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को रखने वाले युवाओं पर बल प्रयोग किया जा रहा है। दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल को उन्होंने सरकार की कायरता और क्रूरता का प्रमाण बताया है।
शिक्षा के निजीकरण और बजट कटौती पर बात करते हुए सोनिया गांधी ने आंकड़ों के साथ सरकार को घेरा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में लाखों सरकारी स्कूलों को बंद कर निजी संस्थानों को बढ़ावा दिया गया है, जिससे शिक्षा की पहुंच आम आदमी के लिए और कठिन हो गई है। उनके अनुसार, सरकारी शिक्षा बजट में कटौती युवाओं के सपनों को कुचलने जैसा है, जबकि सरकार को इन संस्थानों में निवेश बढ़ाना चाहिए था।
एनटीए (NTA) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी का अत्यधिक केंद्रीकरण और निजी ठेकेदारों पर निर्भरता ही पेपर लीक जैसी धांधलियों का मुख्य कारण है। उन्होंने दावा किया कि विशेषज्ञों की जगह राजनीतिक लोगों को बिठाकर परीक्षा प्रणाली को ध्वस्त किया जा रहा है। सोनिया गांधी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को दोहराते हुए कहा कि सरकार अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करने से लगातार भाग रही है।
अंत में उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रों के साथ खड़े होना अब केवल राजनीति नहीं, बल्कि एक संवैधानिक और नैतिक कर्तव्य बन चुका है। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि समय रहते शिक्षा प्रणाली में पारदर्शी सुधार नहीं किए गए, तो देश की युवा शक्ति का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा। सोनिया गांधी का यह बयान आने वाले दिनों में केंद्र सरकार के खिलाफ विपक्ष की रणनीति को और अधिक आक्रामक बनाने का संकेत दे रहा है।











