LockUpp 2: कंगना रनौत के मशहूर रियलिटी शो लॉकअप सीजन 2 में इस समय ड्रामा और सस्पेंस का लेवल अपने चरम पर है। हालिया एपिसोड में दर्शकों को भावनाओं और राजनीति का एक ऐसा मिश्रण देखने को मिला, जिसने शो के समीकरण पूरी तरह से बदल दिए हैं। हर्षद चोपड़ा ने अपनी दमदार रणनीति और खेल के दम पर सीजन के पहले फाइनलिस्ट के रूप में अपनी जगह पक्की कर ली है, जिससे प्रशंसकों में काफी उत्साह है।
शो के दौरान एक चुनौतीपूर्ण टास्क का आयोजन किया गया था, जिसका मकसद फिनाले की रेस के लिए सही दावेदार चुनना था। इस टास्क में जहां योगेश ने 10 लाख रुपये की मोटी रकम लेकर गेम में बने रहने का साहसी फैसला लिया, वहीं लैला, शिल्पा शिंदे और राम कपूर जैसे अन्य सदस्यों ने खुद को फिनाले की दौड़ से बाहर करना ही बेहतर समझा। इस मोड़ पर खेल पूरी तरह से हर्षद चोपड़ा और शिवांगी जोशी के बीच सिमट कर रह गया था।
हर्षद चोपड़ा और शिवांगी जोशी के बीच एक बेहद भावुक मुकाबला देखने को मिला, जहाँ दोनों ही एक-दूसरे को आगे बढ़ाने के लिए अपनी जगह छोड़ने को तैयार थे। इस दौरान हर्षद ने एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि उन्होंने अतीत में एक टास्क जानबूझकर गंवाया था, जिसके बाद शिवांगी काफी भावुक हो गईं। अंत में, जेलर रितेश देशमुख के हस्तक्षेप के बाद हर्षद ने अपने लिए खेलने का फैसला लिया और फिनाले में पहुंचने वाले पहले प्रतियोगी बन गए।
हालांकि, खुशी का यह मौका ज्यादा देर तक नहीं टिक सका क्योंकि शो में एक बड़ा ट्विस्ट बाकी था। रितेश देशमुख ने घोषणा की कि श्रेया कालरा के पास एक विशेष पावर है, जिसके जरिए वे किसी भी एक सदस्य को घर से बाहर का रास्ता दिखा सकती हैं। श्रेया ने बिना देरी किए शिवांगी जोशी का नाम लिया, जिससे न केवल घर के सदस्य बल्कि दर्शक भी पूरी तरह हैरान रह गए।
श्रेया कालरा के इस चौंकाने वाले फैसले के बाद शिवांगी जोशी का लॉकअप का सफर फिलहाल खतरे में पड़ता हुआ नजर आ रहा है। सोशल मीडिया पर भी फैंस इस फैसले की जमकर आलोचना और चर्चा कर रहे हैं। अब देखना यह दिलचस्प होगा कि क्या मेकर्स आने वाले एपिसोड में शिवांगी को कोई दूसरा मौका देंगे या फिर वाकई उनका सफर यहीं पर समाप्त हो गया है।











