उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक बेहद दुखद मामला सामने आया है, जहां जानकीपुरम स्थित एक स्कूल में आठवीं कक्षा के छात्र की अचानक मौत हो गई। 13 वर्षीय अथर्व उर्फ डुग्गू सुबह बिल्कुल सामान्य था और अपने पिता के साथ खुशी-खुशी स्कूल पहुंचा था। किसी को तनिक भी अंदाजा नहीं था कि स्कूल की दहलीज लांघने के कुछ ही देर बाद वह कभी जीवित वापस नहीं लौटेगा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अथर्व अपनी क्लास में दाखिल हुआ ही था कि अचानक वह पीछे की तरफ गिर पड़ा। उस वक्त उसके कंधे पर स्कूल का बैग लटका हुआ था। घटना को देखते ही शिक्षकों और सहपाठियों के बीच हड़कंप मच गया। स्कूल प्रशासन ने फौरन उसे संभालने की कोशिश की और आनन-फानन में उसके परिजनों को सूचना दी गई।
पिता प्रेम सिंह, जो उसे स्कूल छोड़कर घर लौटे ही थे, बदहवास हालत में वापस स्कूल पहुंचे। उन्होंने और स्कूल स्टाफ ने मिलकर अथर्व को पास के एक अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने बच्चे की जांच करने के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इकलौते बेटे को खोने के बाद से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।
चिकित्सकों ने इस मामले में शुरुआती तौर पर कार्डियक अरेस्ट की आशंका व्यक्त की है। 13 साल की कम उम्र में दिल का दौरा पड़ने की इस घटना ने सबको सकते में डाल दिया है। हालांकि, परिजनों ने फिलहाल किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई या शिकायत करने से साफ इनकार कर दिया है, जिसके चलते पुलिस ने भी कोई औपचारिक तहरीर दर्ज नहीं की है।
यह घटना कम उम्र के बच्चों में बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं की ओर एक गंभीर इशारा करती है। स्कूल में पढ़ाई और खेलकूद के बीच अथर्व का इस तरह से अचानक चले जाना पूरे शिक्षा जगत और अभिभावकों के लिए एक बड़ा सदमा है। फिलहाल, परिवार इस गहरे दुख से उबरने की कोशिश कर रहा है और स्कूल प्रशासन भी इस पूरे घटनाक्रम से स्तब्ध है।










