राजस्थान में पंचायत चुनाव के नतीजों के दौरान उदयपुर जिले में माहौल तनावपूर्ण हो गया। मिली जानकारी के अनुसार, खेरवाड़ा पंचायत समिति की नवाघरा ग्राम पंचायत में गुरुवार देर रात उस समय स्थिति बिगड़ गई जब विजेता उम्मीदवार की घोषणा की गई। पुष्पा देवी को विजेता चुने जाने के बाद हारने वाले पक्ष के समर्थकों ने मतगणना केंद्र के बाहर जमकर हंगामा किया और उग्र रूप धारण कर लिया।
स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि उपद्रवी तत्वों ने मतगणना स्थल को निशाना बनाते हुए जमकर पत्थरबाजी की। इस दौरान वहां मौजूद वाहनों में तोड़फोड़ की गई और संपत्ति को आग के हवाले कर दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही बावलवाड़ा थाना पुलिस समेत कई थानों की टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं। हालात पर काबू पाने के लिए दमकल विभाग की गाड़ियों को भी बुलाया गया, जिन्होंने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
पंचायत चुनाव की मतगणना के दौरान केवल उदयपुर ही नहीं, बल्कि भरतपुर में भी विवाद की खबरें सामने आई हैं। बयाना पंचायत समिति की दर बरहना ग्राम पंचायत में वोटों की गिनती को लेकर दो पक्षों में तीखी बहस हो गई। वहां शुरुआती गिनती में एक वोट से जीत मिलने के बाद दोबारा गिनती की मांग को लेकर भारी हंगामा हुआ, जिसके चलते एसडीएम को मामले में दखल देना पड़ा और अब मतगणना संबंधित कार्यालय में कराई जा रही है।
इन चुनावों के नतीजों में कई बड़े राजनीतिक परिवारों से जुड़े उम्मीदवारों को करारी हार का सामना करना पड़ा है। सलूंबर के भाजपा विधायक के परिवार से लेकर उदयपुर और टोंक तक के कई प्रभावशाली नेताओं के करीबियों को जनता ने नकार दिया है। हालांकि, कुछ क्षेत्रों में प्रमुख राजनीतिक दिग्गजों के समर्थकों ने अपनी जीत का जश्न भी मनाया।
फिलहाल, तीसरे चरण के मतदान के बाद प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है और संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है। चुनाव अधिकारी उप-सरपंच पद के लिए जारी मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में जुटे हैं। गौरतलब है कि गुरुवार को प्रदेश की हजारों ग्राम पंचायतों में हुए मतदान के बाद अब सभी की निगाहें चुनाव परिणाम और मतगणना के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने पर टिकी हैं।










