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Dhanteras 2026: कुबेर देव की आरती से घर में लाएं सुख-समृद्धि, जानें पूजा की विधि

Lord Kuber Aarti for Dhanteras wealth
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हिंदू धर्म में धनतेरस का त्योहार अत्यंत शुभ माना जाता है, जो दीपावली के पांच दिवसीय उत्सव की शुरुआत का प्रतीक है। इस दिन धन के अधिपति भगवान कुबेर और माता लक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व है। मान्यता है कि कुबेर देव देवताओं के कोषाध्यक्ष हैं और उनकी विधि-विधान से उपासना करने से घर में आर्थिक समृद्धि आती है और धन के भंडार हमेशा भरे रहते हैं।

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धनतेरस के दिन केवल पूजा करना ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि पूजा के बाद कुबेर देव की आरती करना अनिवार्य माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, बिना आरती के पूजा अधूरी मानी जाती है। जो भक्त सच्चे मन से कुबेर देव की आरती करते हैं, उन पर भगवान की असीम कृपा बनी रहती है और घर में सुख-शांति का वास होता है।

कुबेर देव की आरती

ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे,

स्वामी जै यक्ष जै यक्ष कुबेर हरे ।

शरण पड़े भगतों के,

भण्डार कुबेर भरे ।

॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे…॥

शिव भक्तों में भक्त कुबेर बड़े,

स्वामी भक्त कुबेर बड़े ।

दैत्य दानव मानव से,

कई-कई युद्ध लड़े ॥

॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे…॥

स्वर्ण सिंहासन बैठे,

सिर पर छत्र फिरे,

स्वामी सिर पर छत्र फिरे ।

योगिनी मंगल गावैं,

सब जय जय कार करैं ॥

॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे…॥

गदा त्रिशूल हाथ में,

शस्त्र बहुत धरे,

स्वामी शस्त्र बहुत धरे ।

दुख भय संकट मोचन,

धनुष टंकार करें ॥

॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे…॥

भांति भांति के व्यंजन बहुत बने,

स्वामी व्यंजन बहुत बने ।

मोहन भोग लगावैं,

साथ में उड़द चने ॥

॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे…॥

बल बुद्धि विद्या दाता,

हम तेरी शरण पड़े,

स्वामी हम तेरी शरण पड़े ।

अपने भक्त जनों के,

सारे काम संवारे ॥

॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे…॥

मुकुट मणी की शोभा,

मोतियन हार गले,

स्वामी मोतियन हार गले ।

अगर कपूर की बाती,

घी की जोत जले ॥

॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे…॥

यक्ष कुबेर जी की आरती,

जो कोई नर गावे,

स्वामी जो कोई नर गावे ।

कहत प्रेमपाल स्वामी,

मनवांछित फल पावे ॥

॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे…॥

पूजा की तैयारी करते समय कुबेर देव की प्रतिमा या चित्र को साफ-सुथरे स्थान पर स्थापित करें। उन्हें विधिपूर्वक भोग लगाएं और तत्पश्चात पूरी श्रद्धा के साथ कुबेर आरती का गायन करें। भक्त अक्सर ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे… जैसे पवित्र स्तोत्रों के माध्यम से उन्हें प्रसन्न करने का प्रयास करते हैं, जिससे जीवन की दरिद्रता का नाश होता है।

आरती करने का सही तरीका यह है कि घी का दीपक जलाकर भगवान कुबेर के समक्ष खड़े हों और पूरी एकाग्रता के साथ आरती गाएं। इसके बाद कपूर से आरती पूरी करें और भगवान को प्रणाम करें। ऐसा करने से न केवल मानसिक शांति मिलती है, बल्कि घर में बरकत और सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी होता है।

इस वर्ष धनतेरस के पावन अवसर पर यदि आप अपने परिवार की उन्नति और धन-धान्य की कामना करते हैं, तो कुबेर देव की आराधना में कोई कमी न छोड़ें। आरती के उपरांत प्रसाद ग्रहण करें और दूसरों में भी वितरित करें। भगवान कुबेर के आशीर्वाद से आपका यह धनतेरस सुखद और मंगलमय बीतेगा।

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