Rajasthan News: राजस्थान के उदयपुर में स्थित हजरत इमरत रसूल शाह बाबा की दरगाह पर 136वें सालाना उर्स का आयोजन बड़ी धूमधाम और अकीदत के साथ किया गया। इस मुबारक मौके पर दरगाह परिसर में हजारों की संख्या में जायरीन जुटे, जिन्होंने सूफी संत के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा व्यक्त की। उर्स के दौरान पूरा माहौल इबादत और रूहानियत से सराबोर नजर आया।
इस अवसर पर मुस्लिम महासंघ के प्रतिनिधियों ने दरगाह में पहुंचकर पारंपरिक तरीके से चादर शरीफ पेश की। इस रस्म के दौरान संघ के पदाधिकारियों ने देश की अमन-शांति, आपसी भाईचारे और अखंडता को बनाए रखने के लिए विशेष प्रार्थना की। मुस्लिम महासंघ की ओर से की गई यह पेशकश क्षेत्र में सांप्रदायिक सौहार्द और एकता का एक बेहतरीन उदाहरण पेश करती है।
इस खास मौके पर मुस्लिम महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष मुहम्मद हनीफ ने कहा कि सूफी संतों की दरगाहें हमें हमेशा प्रेम और इंसानियत का रास्ता दिखाती हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि हजरत इमरत रसूल शाह बाबा जैसे बुजुर्गों का संदेश आज के दौर में भी बेहद प्रासंगिक है, जो हमें आपस में मिल-जुलकर रहने और मानवता की सेवा करने की प्रेरणा देता है।
दरगाह में चादरपोशी के समय मुस्लिम महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष हाजी मोहम्मद बख्श, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शफी मेकेनिक और जिला अध्यक्ष सादाब खान सहित संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने संयुक्त रूप से राष्ट्र की सुख-समृद्धि की कामना की और सामाजिक एकता को मजबूत करने का संकल्प लिया।
उदयपुर की इस ऐतिहासिक दरगाह पर उर्स का आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह स्थानीय स्तर पर सामाजिक मेलजोल का भी एक बड़ा माध्यम बनता है। दूर-दराज से आए अकीदतमंदों ने अपनी मन्नतें मांगीं और सूफी परंपरा के अनुसार इस उर्स में भाग लेकर आशीर्वाद प्राप्त किया।
Author: Shivam Verma
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