Home » हिमाचल प्रदेश » Himachal Pradesh: हिमाचल प्रदेश में मानसून का तांडव- 110 सड़कें ठप और करोड़ों का नुकसान, जनजीवन अस्त-व्यस्त

Himachal Pradesh: हिमाचल प्रदेश में मानसून का तांडव- 110 सड़कें ठप और करोड़ों का नुकसान, जनजीवन अस्त-व्यस्त

Facebook
X
WhatsApp

Himachal Pradesh: हिमाचल प्रदेश में मानसून की विनाशकारी बारिश ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, भारी बारिश और भूस्खलन के कारण पूरे प्रदेश में यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। फिलहाल राज्य में 110 मुख्य और संपर्क मार्ग पूरी तरह से बंद पड़े हैं, जिससे दूरदराज के इलाकों का संपर्क शेष दुनिया से कट गया है।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

बिजली और पानी की आपूर्ति पर भी मानसून की मार साफ देखी जा सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेश में 91 बिजली ट्रांसफार्मर ठप हो गए हैं, जिससे कई क्षेत्रों में अंधेरा छाया हुआ है। इसके अलावा, 217 पेयजल योजनाओं के प्रभावित होने से लोगों को भारी जल संकट का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन युद्ध स्तर पर इन सेवाओं को बहाल करने के प्रयासों में जुटा है ताकि प्रभावित क्षेत्रों को राहत मिल सके।

सबसे ज्यादा तबाही मंडी और कुल्लू जिलों में देखने को मिली है। मंडी में 39 और कुल्लू में 33 सड़कें बंद होने के कारण आवाजाही पूरी तरह बाधित है। इसके अतिरिक्त चंबा में 12, शिमला में 9 और कांगड़ा जिले में भी कई मुख्य मार्ग बंद हैं। सिरमौर के विभिन्न हिस्सों में भी सड़कों को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे स्थानीय निवासियों और पर्यटकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

मानसून के इस सीजन में अब तक प्रदेश को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 30 जून से अब तक बारिश और भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं से राज्य को लगभग 973 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। लोक निर्माण विभाग और बिजली बोर्ड की संपत्तियों के साथ-साथ निजी घरों को भी काफी नुकसान पहुंचा है।

दुखद बात यह है कि इस मानसून के दौरान प्राकृतिक आपदाओं की भेंट चढ़कर 79 लोगों ने अपनी जान गंवाई है। वहीं, खराब मौसम और फिसलन भरी सड़कों के चलते हुए सड़क हादसों में 108 लोगों की जान जा चुकी है। राज्य प्रशासन ने लोगों को सावधानी बरतने और नदी-नालों के पास न जाने की सलाह दी है। राहत कार्य जारी हैं, लेकिन बारिश का दौर थम न पाने के कारण चुनौतियां लगातार बढ़ रही हैं।

Shivam Verma
Author: Shivam Verma

Description

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

ताजा खबरें