Delhi News: यूजीसी-नेट जून 2026 की परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने तीन महत्वपूर्ण विषयों- इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी की परीक्षाएं रद्द करने का फैसला लिया है। इस निर्णय के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस मामले पर मोदी सरकार और NTA को आड़े हाथों लेते हुए तीखी टिप्पणी की है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरा है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि मोदी जी को देखना चाहिए कि उनकी देखरेख में चल रही NTA ने छात्रों के भविष्य के साथ किस तरह का खिलवाड़ किया है। राहुल का कहना है कि परीक्षाएं आयोजित होने के दो महीने बाद उन्हें इस आधार पर रद्द कर देना कि प्रश्नपत्र गलत थे या सवाल दोहराए गए थे, पूरी तरह से प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है।
कांग्रेस नेता ने शिक्षा प्रणाली की वर्तमान स्थिति को एक शोषणकारी मशीन करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह सिस्टम छात्रों से केवल उनका कीमती समय, पैसा और मानसिक शांति छीन रहा है, जबकि बदले में उन्हें नौकरी की कोई गारंटी नहीं मिल रही है। राहुल गांधी ने जोर देकर कहा कि NTA जैसी संस्थाओं की जवाबदेही तय होनी चाहिए और केवल शिक्षा मंत्री का इस्तीफा ही काफी नहीं है, बल्कि एजेंसी के नेतृत्व में भी बड़ा बदलाव जरूरी है।
NTA द्वारा जारी ताजा नोटिफिकेशन के मुताबिक, रद्द की गई इन तीन परीक्षाओं को दोबारा आयोजित किया जाएगा। इंग्लिश और कॉमर्स की परीक्षाएं 9 सितंबर को दो अलग-अलग शिफ्ट में होंगी, जबकि सोशियोलॉजी का री-एग्जाम 10 सितंबर को आयोजित किया जाएगा। एजेंसी ने छात्रों को भरोसा दिलाया है कि इसके लिए दोबारा कोई फीस नहीं ली जाएगी और शेष 84 विषयों के परिणाम समय पर घोषित कर दिए जाएंगे।
राहुल गांधी ने उन तमाम छात्रों का समर्थन किया है जो इस अव्यवस्था के कारण मानसिक तनाव झेल रहे हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि गलती छात्रों की नहीं बल्कि उस सिस्टम की है जो एक व्यवस्थित तरीके से परीक्षा तक आयोजित करने में असमर्थ साबित हुआ है। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे इस कठिन समय में धैर्य बनाए रखें और अपनी तैयारी जारी रखें।
Author: Shivam Verma
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