Hamirpur News: जिलाधिकारी अभिषेक गोयल ने आज बेतवा नदी पर निर्माणाधीन सेतु का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पुल निर्माण की प्रगति, कार्य की गुणवत्ता, निर्धारित समय-सीमा, उपलब्ध संसाधनों और श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। बेतवा एवं यमुना नदियों पर लगभग ₹302 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन पुलों के कार्य में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई।
कार्य में ढिलाई पर सेतु निगम के अधिशासी अभियंता को फटकार
निरीक्षण के दौरान निर्माण स्थल पर पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं पाए गए। मौके पर केवल एक लॉन्चर के माध्यम से कार्य संचालित किया जा रहा था। इस स्थिति पर जिलाधिकारी ने उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम के अधिशासी अभियंता दिलीप कुमार को कड़ी फटकार लगाई और निर्माण कार्य में हो रही देरी को लेकर स्पष्टीकरण तलब किया।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करते हुए निर्माण कार्य की गति बढ़ाई जाए और निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य को पूरा कराया जाए।

ठेकेदार पर पेनल्टी और भुगतान में कटौती के निर्देश
जिलाधिकारी ने सेतु निगम के अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्य में लापरवाही बरतने और निर्धारित संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित न करने के लिए जिम्मेदार ठेकेदार के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी पेनल्टी लगाई जाए। इसके साथ ही भुगतान में कटौती की कार्रवाई भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने निर्माण कार्य में आवश्यक क्रेन, लॉन्चर और अन्य संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा, ताकि काम की गति में तेजी लाई जा सके और परियोजना निर्धारित समय-सीमा में पूरी हो।
एक सप्ताह में मार्ग से मलबा और निर्माण सामग्री हटाने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान पुल के पहुंच मार्ग पर सेतु निगम द्वारा रखा गया मलबा, बोल्डर और अन्य निर्माण सामग्री पाए जाने से सड़क की स्थिति खराब मिली। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए निर्देश दिया कि एक सप्ताह के भीतर मार्ग से समस्त मलबा एवं निर्माण सामग्री हटाई जाए, ताकि सड़क को आवागमन के लिए सुगम बनाया जा सके।
जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को भी निर्देशित किया कि मार्ग खाली होते ही सड़क निर्माण एवं मरम्मत से संबंधित आवश्यक कार्रवाई तत्काल शुरू कराई जाए और उसे शीघ्र पूरा किया जाए। इससे आमजन और राहगीरों को आवागमन में हो रही परेशानी से राहत मिल सकेगी।

श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था का भी लिया जायजा
जिलाधिकारी अभिषेक गोयल ने निर्माण स्थल पर श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में लगे सभी श्रमिकों के लिए हेलमेट, सेफ्टी बेल्ट, जैकेट और अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरणों का अनिवार्य रूप से प्रयोग सुनिश्चित कराया जाए।
उन्होंने कहा कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। यदि निर्माण स्थल पर सुरक्षा नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
गुणवत्ता और समयबद्धता से समझौता नहीं
जिलाधिकारी ने कहा कि जनहित से जुड़ी विकास परियोजनाओं में गुणवत्ता, सुरक्षा और समयबद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी कार्यदायी संस्था अथवा अधिकारी की ओर से लापरवाही, गुणवत्ता से समझौता या अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य की नियमित मॉनिटरिंग करने और निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा कराने के निर्देश दिए। साथ ही स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि लापरवाही की पुनरावृत्ति होती है तो जिम्मेदार अधिकारियों और कार्यदायी संस्था के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
Author: Shivam Verma
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