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Rajasthan News: कोटपूतली-किशनगढ़ ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे को लेकर सरकार और किसानों के बीच दूसरे दौर की वार्ता संपन्न

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Rajasthan News: राजस्थान में कोटपूतली-किशनगढ़ ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे परियोजना को निरस्त करने की मांग को लेकर पिछले एक साल से जारी किसान आंदोलन के सिलसिले में अब बातचीत का दौर तेज हो गया है। हाल ही में शासन सचिवालय में सरकार और किसान महापंचायत के प्रतिनिधियों के बीच दूसरे चरण की वार्ता संपन्न हुई। यह बैठक करीब 140 मिनट तक चली, जिसमें परियोजना से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

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इस महत्वपूर्ण बैठक में सरकार का प्रतिनिधित्व अतिरिक्त मुख्य सचिव आईएएस प्रवीण गुप्ता ने किया, जबकि किसानों की ओर से किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट ने नेतृत्व संभाला। इनके साथ जयपुर के जिला कलेक्टर संदेश नायक और सड़क निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। बैठक में परियोजना के सामाजिक प्रभाव, विस्थापन, पर्यावरण संबंधी चुनौतियों और किसानों की जमीन के बदले मुआवजे और कनेक्टिविटी जैसे गंभीर मुद्दों पर मंथन किया गया।

सरकार की ओर से वार्ता के दौरान रखे गए विभिन्न बिंदुओं पर विचार करने के लिए प्रशासन ने सात दिन का समय मांगा है। इस आग्रह को स्वीकार करते हुए किसान संगठनों ने अपने आगामी प्रदर्शन की तारीखों में बदलाव करने का निर्णय लिया है। पहले जो प्रदर्शन 24 अगस्त को होना था, उसे अब 2 सितंबर तक के लिए आगे बढ़ा दिया गया है। फिलहाल, 24 अगस्त को जयपुर के शहीद स्मारक पर 114 गांवों के मुख्य प्रतिनिधियों का धरना आयोजित किया जाएगा।

वार्ता के अगले चरण की तिथि 26 अगस्त निर्धारित की गई है, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी। किसान महापंचायत के अनुसार, 2 सितंबर को एक हजार ट्रैक्टरों के साथ बड़ा विरोध प्रदर्शन करने की तैयारी है। फिलहाल दोनों पक्षों के बीच हुई यह दूसरी वार्ता सौहार्दपूर्ण और सकारात्मक माहौल में संपन्न हुई है, जिससे प्रभावित किसानों को अपनी मांगों के पूरा होने की उम्मीद जगी है।

गौरतलब है कि इस परियोजना को लेकर क्षेत्र के किसान लगातार विरोध कर रहे हैं और उनका तर्क है कि इससे ग्रामीणों की कृषि भूमि और आजीविका पर गहरा असर पड़ेगा। सरकारी प्रतिनिधियों और किसान नेताओं के बीच हो रही ये बैठकें इस जटिल मामले का समाधान निकालने की दिशा में एक अहम कड़ी मानी जा रही हैं। अब सबकी निगाहें 26 अगस्त को होने वाली तीसरी दौर की वार्ता पर टिकी हैं।

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