BRICS Summit 2026: देश की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित होने वाले आगामी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 को लेकर सरगर्मी काफी तेज हो गई है. इस बीच, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत दौरे को लेकर असमंजस की स्थिति लगातार बनी हुई है. बीजिंग की तरफ से अभी तक आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि शी जिनपिंग इस महत्वपूर्ण ग्लोबल इवेंट में व्यक्तिगत रूप से शामिल होंगे या नहीं.
आमतौर पर अपने कूटनीतिक फैसलों को लेकर तुरंत प्रतिक्रिया देने वाली चीनी सरकार की इस खामोशी ने राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है. जानकारों का मानना है कि सम्मेलन के इतने करीब आने के बाद भी कोई ठोस जानकारी सामने न आना कूटनीतिक रूप से काफी दिलचस्प संकेत माना जा रहा है. अगर शी जिनपिंग इस समिट में हिस्सा नहीं लेते हैं, तो यह देखना अहम होगा कि बीजिंग अपनी तरफ से किस वरिष्ठ राजनेता को प्रतिनिधिमंडल की कमान सौंपता है.
विदेशी मामलों के जानकारों का अनुमान है कि राष्ट्रपति जिनपिंग की गैर-मौजूदगी की स्थिति में चीन के प्रधानमंत्री या फिर देश के उपराष्ट्रपति नई दिल्ली में होने वाली इस उच्च स्तरीय बैठक में चीनी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर सकते हैं. हालांकि, भारत सरकार ने इस वैश्विक सम्मेलन के लिए अपनी तरफ से सुरक्षा और मेहमाननवाजी के पुख्ता इंतजाम पहले ही सुनिश्चित कर लिए हैं ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा न हो.
दूसरी ओर, इस बड़े मंच पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी प्रतिनिधिमंडल के बीच द्विपक्षीय बैठकों की रूपरेखा भी पहले से प्रस्तावित है. कूटनीतिक जानकारों का कहना है कि दोनों एशियाई दिग्गजों के बीच संवाद के रास्ते खुले रखना क्षेत्रीय स्थिरता के लिए बेहद जरूरी है, चाहे बैठक शीर्ष नेतृत्व स्तर पर हो या फिर उनके नामित प्रतिनिधियों के माध्यम से हो.
फिलहाल, पूरी दुनिया की निगाहें बीजिंग के अगले आधिकारिक ऐलान पर टिकी हैं कि क्या शी जिनपिंग व्यक्तिगत रूप से दिल्ली की यात्रा करेंगे या फिर कोई अन्य बड़ा चेहरा उनकी जगह लेगा. भारत में इस आयोजन को लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने राजधानी के चप्पे-चप्पे पर पहरा बिठा दिया है और सभी तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं.











