Surgical Strike Day 2026: भारतीय सेना के अदम्य साहस और शौर्य की मिसाल पेश करने वाले ‘सर्जिकल स्ट्राइक दिवस’ पर पूरा देश गर्व की अनुभूति कर रहा है। आज से ठीक 10 साल पहले 2016 में, उरी आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना ने नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पार जाकर आतंकवादियों के ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया था। इस ऐतिहासिक और निर्णायक सैन्य कार्रवाई की बरसी पर देश के तमाम दिग्गज नेताओं ने मां भारती के वीर सपूतों के अदम्य पराक्रम को शत-शत नमन किया है और उनके बलिदान को याद किया है।
केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने सोशल मीडिया पर अपने संदेश में कहा कि भारतीय सेना का यह पराक्रम देशवासियों के भीतर राष्ट्रसेवा की भावना को और अधिक मजबूत करता है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी सेना की सराहना करते हुए इसे भारत के सुरक्षा इतिहास का एक बेहद गौरवपूर्ण अध्याय करार दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र विरोधी ताकतों के खिलाफ सेना का यह कदम हर नागरिक का सीना गर्व से चौड़ा कर देता है.
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से सेना के शौर्य को सलाम किया। नेताओं ने अपने संदेशों में इस बात पर जोर दिया कि भारतीय सेना का यह कदम न केवल आतंकवाद के खिलाफ एक कड़ा संदेश था, बल्कि यह वैश्विक मंच पर नए भारत की मजबूत इच्छाशक्ति का भी प्रमाण था। छत्तीसगढ़ और दिल्ली सरकार के मंत्रियों ने भी सेना की इस कार्रवाई को याद करते हुए जवानों के समर्पण को सर्वोच्च प्रेरणा बताया।
छत्तीसगढ़ सरकार के एक मंत्री ने अपने बयान में खास तौर पर नए भारत के तेवर को दर्शाते हुए कहा कि यह नया भारत है, जो जरूरत पड़ने पर घर में घुसकर मारता है। वहीं, दिल्ली सरकार के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने 29 सितंबर 2016 की उस रात को याद करते हुए कहा कि भारतीय सेना ने यह साबित कर दिया कि भारत शांति में पूरा विश्वास रखता है, लेकिन अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता कतई बर्दाश्त नहीं करेगा।
आज सर्जिकल स्ट्राइक की दसवीं वर्षगांठ के मौके पर देश के कोने-कोने से सेना के जवानों की बहादुरी की कहानियां साझा की जा रही हैं। यह दिन हर भारतीय के दिल में देशभक्ति की अलख जगाता है और देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले उन अमर जवानों की याद दिलाता है जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना देश के सम्मान को सबसे ऊपर रखा।










