Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या के भव्य राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले ने अब एक गंभीर मोड़ ले लिया है। इस मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को तलब किया था। सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने उनसे करीब तीन घंटे तक कड़े सवाल किए, जिनमें वे कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इस पूछताछ के बाद ट्रस्ट की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं।
जांच का दायरा बढ़ाते हुए पुलिस ने अब मंदिर परिसर में की गई नियुक्तियों की फाइलें भी खोल दी हैं। SIT उन आरोपों की पड़ताल कर रही है जिनमें ट्रस्ट के पदाधिकारियों के करीबियों को गलत तरीके से नौकरी देने की बात कही जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर मंदिर की इतनी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच दान की राशि को कैसे निशाना बनाया गया।
पुलिस ने इस मामले में ट्रस्ट से जुड़े लगभग 70 पदाधिकारियों और कर्मचारियों को नोटिस जारी किए हैं। इतना ही नहीं, करीब 140 गवाहों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। जांच अधिकारी अब मंदिर में तैनात सुरक्षा कर्मियों, कैश काउंटर पर बैठने वाले स्टाफ और प्रशासनिक जिम्मेदारी संभालने वाले लोगों से आमने-सामने पूछताछ करने की तैयारी में हैं, ताकि चोरी की पूरी चेन को समझा जा सके।
इस केस में वित्तीय अनियमितताओं का एंगल भी गहराता जा रहा है। जांच टीम ने भारतीय स्टेट बैंक की अयोध्या धाम शाखा से मंदिर के चढ़ावे का पिछले पांच वर्षों का रिकॉर्ड तलब किया है। बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों से भी इस संबंध में सवाल-जवाब किए गए हैं। पुलिस यह सुनिश्चित करना चाहती है कि चढ़ावे की राशि बैंक तक पहुंचने में कोई हेरफेर तो नहीं की गई थी।
इस बीच, प्रशासनिक स्तर पर भी बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं। लंबे समय से अयोध्या में तैनात रहे रेडियो मेंटेनेंस ऑफिसर अर्जुन देव का तबादला कर दिया गया है। उन पर मंदिर के सीसीटीवी और वायरलेस सिस्टम की निगरानी का जिम्मा था। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कई लोगों की मुश्किलें आने वाले दिनों में और बढ़ सकती हैं।
Author: Shivam Verma
Description











