Home » उत्तर प्रदेश » अयोध्या » Ram Mandir Donation Theft Case: मुख्य आरोपी टिन्नू यादव की कंस्ट्रक्शन फर्म और 45 लाख के सरकारी ठेके का बड़ा खुलासा

Ram Mandir Donation Theft Case: मुख्य आरोपी टिन्नू यादव की कंस्ट्रक्शन फर्म और 45 लाख के सरकारी ठेके का बड़ा खुलासा

Facebook
X
WhatsApp

Ram Mandir Ayodhya: अयोध्या के भव्य राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले में जांच एजेंसियां लगातार नए खुलासे कर रही हैं। इस मामले में मुख्य आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव पर पुलिस का शिकंजा और अधिक कसता हुआ नजर आ रहा है। जांच में पता चला है कि आरोपी ने अपनी पत्नी पूनम देवी के नाम पर एक कंस्ट्रक्शन कंपनी बना रखी थी, जो सरकारी कामकाज से जुड़ी हुई थी। इस खुलासा ने केस को एक नई और गंभीर दिशा दे दी है, जिसके बाद पुलिस ने वित्तीय लेन-देन की बारीकी से जांच शुरू कर दी है।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, टिन्नू यादव की पत्नी पूनम देवी के बैंक खातों की गहन छानबीन के दौरान इस कंस्ट्रक्शन फर्म का पता चला। यह कंपनी लोक निर्माण विभाग (PWD) में बाकायदा रजिस्टर्ड है। जांच में सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह सामने आया है कि इस कंपनी के गठन के पहले ही साल इसे 45 लाख रुपये का सरकारी ठेका हासिल हुआ था। पुलिस अब इस बात की पड़ताल कर रही है कि क्या राम मंदिर निर्माण से जुड़ी राशि या चढ़ावे के गबन का इस्तेमाल इस कंपनी को खड़ा करने या इसे ठेके दिलाने के लिए तो नहीं किया गया था।

उल्लेखनीय है कि जून के महीने में राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए चढ़ावे में बड़े पैमाने पर हेरफेर और चोरी का मामला सामने आया था। इस गंभीर आरोप के मद्देनजर उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था। एसआईटी ने मामले की त्वरित जांच करते हुए अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी, जिसके आधार पर 25 जून को आधिकारिक रूप से एफआईआर दर्ज की गई और टिन्नू यादव समेत आठ लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

इस पूरे घटनाक्रम में बरामदगी भी पुलिस के लिए एक बड़ा सुराग बनी है। तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से नकद राशि, सोना, चांदी और विदेशी मुद्रा के साथ-साथ एक विशेष दानपात्र भी मिला है, जिस पर ‘रामराज्य कोष’ लिखा हुआ था। खास बात यह है कि केवल एक आरोपी अविनाश शुक्ला के पास से ही 20 लाख रुपये से अधिक की नकद राशि बरामद की गई है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क के पीछे के मास्टरमाइंड और धन के अवैध प्रवाह (Money Trail) को ट्रैक करने की कोशिश कर रही है ताकि गबन की पूरी कड़ी को जोड़ा जा सके।

बता दें कि टिन्नू यादव के बारे में कई मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया है कि वह मंदिर निर्माण समिति के चंपत राय का पूर्व ड्राइवर रहा है, जिससे यह मामला और भी संवेदनशील हो गया है। फिलहाल, एसआईटी इस बात की पुष्टि करने में जुटी है कि क्या आरोपियों ने मंदिर के दान के पैसों का उपयोग निजी लाभ और व्यावसायिक साम्राज्य खड़ा करने के लिए किया था। मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, कई अन्य परतें खुलने की संभावना बनी हुई है, जिससे दोषियों पर कानूनी कार्रवाई और सख्त हो सकती है।

Shivam Verma
Author: Shivam Verma

Description

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

ताजा खबरें