Bihar News: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने सीवान में तैनात एक उत्पाद निरीक्षक के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। उत्पाद निरीक्षक अंकेश कुमार गोंड पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का गंभीर आरोप लगा है। ईओयू की टीमों ने अधिकारी से जुड़े पांच अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की है, जिससे महकमे में हड़कंप मच गया है।
प्रारंभिक जांच और पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी जानकारी के मुताबिक, अंकेश कुमार गोंड ने अपनी वैध आय के स्रोतों से करीब 202 प्रतिशत अधिक संपत्ति जमा की है। ईओयू के अधिकारियों ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज करने के बाद जांच प्रक्रिया तेज कर दी है। पटना की विशेष निगरानी अदालत से तलाशी वारंट हासिल करने के बाद पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारियों के नेतृत्व में विशेष टीमों का गठन किया गया था।
छापेमारी का दायरा काफी विस्तृत रहा है। ईओयू की टीमों ने पटना के दानापुर स्थित आवास, मुंगेर में मौजूद पैतृक घर और व्यवसायिक संपत्ति, सीवान स्थित उत्पाद विभाग के सरकारी कार्यालय के साथ-साथ शहर के चित्रगुप्त नगर स्थित किराए के मकान पर भी धावा बोला। छापेमारी के दौरान टीम ने बड़ी मात्रा में वित्तीय दस्तावेज और अन्य संपत्तियों के सबूत जुटाए हैं, जिनकी गहन जांच चल रही है।
आरोपी अधिकारी पर अपनी आय से लगभग 2 करोड़ 36 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति अवैध रूप से बनाने का आरोप है। ईओयू की टीमें न केवल दस्तावेजों को खंगाल रही हैं, बल्कि बैंक खातों और अन्य निवेशों की भी बारीकी से पड़ताल कर रही हैं। फिलहाल तलाशी अभियान जारी है और माना जा रहा है कि जांच पूरी होने के बाद आय से अधिक संपत्ति का यह आंकड़ा और भी बढ़ सकता है।
सीवान स्थित उत्पाद विभाग के बैरक और कार्यालय कक्ष में भी ईओयू की टीम दस्तावेजों को जब्त कर उनकी जांच में जुटी है। इस कार्रवाई का उद्देश्य अधिकारी के भ्रष्ट आचरण और काली कमाई के सभी रास्तों का पता लगाना है। ईओयू का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही इस पूरे मामले से जुड़ी विस्तृत जानकारी और आरोपी के खिलाफ अगली कानूनी प्रक्रिया को सार्वजनिक किया जाएगा।
Author: Shivam Verma
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