UP News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को गाजीपुर जिले में एक भव्य जनसभा को संबोधित करते हुए आगामी 2027 विधानसभा चुनाव के लिए सियासी पारा बढ़ा दिया है। मुख्यमंत्री ने मुहम्मदाबाद स्थित यूसुफपुर मंडी समिति के मैदान से एक प्रभावशाली रैली की, जो अंसारी परिवार के पुश्तैनी आवास ‘फाटक’ से महज 300 मीटर की दूरी पर आयोजित की गई थी। इस रैली को भाजपा का सीधा और कड़ा संदेश माना जा रहा है।
राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील मानी जाने वाली मुहम्मदाबाद विधानसभा सीट हमेशा से भाजपा की प्राथमिकता में रही है। दिवंगत विधायक कृष्णानंद राय और उनके सहयोगियों की शहादत के बाद से यह क्षेत्र भाजपा के लिए एक प्रमुख चुनावी प्रतिष्ठा का केंद्र बन गया है। इस बार की जनसभा ने स्पष्ट कर दिया है कि सत्ताधारी पार्टी आने वाले विधानसभा चुनावों में इस क्षेत्र की सभी सीटों पर अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है।
वर्ष 2022 के पिछले विधानसभा चुनाव में गाजीपुर की सातों सीटों पर मिली हार को भाजपा ने एक चुनौती के रूप में लिया है। मुख्यमंत्री का सीधे अंसारी बंधुओं के प्रभाव वाले इलाके में पहुंचना इस बात का संकेत है कि भाजपा अब चुनावी रणनीति को लेकर पूरी तरह आक्रामक मोड में है। इस बार भाजपा एनडीए गठबंधन के सहयोगियों के साथ मिलकर एक मजबूत घेराबंदी करने की योजना बना रही है।
इतिहास पर नजर डालें तो मुहम्मदाबाद सीट लंबे समय तक अंसारी परिवार का गढ़ रही है, जहां से अफजाल अंसारी और सिबगतुल्लाह अंसारी जैसे नेता प्रतिनिधित्व करते रहे हैं। वर्तमान में यह सीट सुहैब अंसारी के पास है। हालांकि, मौजूदा राजनीतिक समीकरणों में ओमप्रकाश राजभर के एनडीए में शामिल होने के बाद से गाजीपुर का सियासी परिदृश्य पूरी तरह से बदल गया है, जिससे भाजपा कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार हुआ है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह दौरा न केवल एक चुनावी सभा थी, बल्कि यह कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने और विपक्ष को कड़ी चुनौती देने का एक बड़ा माध्यम भी रहा। आने वाले दिनों में गाजीपुर की राजनीति में और भी बड़े उलटफेर देखने को मिल सकते हैं, क्योंकि भाजपा अब पूरी ताकत के साथ अपने खोए हुए आधार को फिर से हासिल करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।
Author: Shivam Verma
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