80th Independence Day: देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र की भाजपा सरकार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लाल किले से दिए गए भाषण की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार केवल अपने दावों के लिए श्रेय लेने में जुटी है, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और है। खरगे ने कहा कि सरकार जनता के मूलभूत अधिकारों को सुनिश्चित करने में विफल रही है और लोकतांत्रिक जवाबदेही से भाग रही है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने अपनी बात रखते हुए यूपीए सरकार की उपलब्धियों को याद दिलाया। उन्होंने दावा किया कि आज देश में जो भी विकास दिख रहा है, उसका 90 फीसदी श्रेय कांग्रेस की पिछली सरकारों को जाता है। उन्होंने विशेष रूप से सोनिया गांधी के नेतृत्व का जिक्र करते हुए शिक्षा, भोजन और रोजगार के अधिकार (मनरेगा) जैसे कानूनों को कांग्रेस की बड़ी विरासत बताया। खरगे ने तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ऐसा व्यवहार करते हैं जैसे सब कुछ उन्हीं की वजह से हो रहा है, जबकि इतिहास इन कल्याणकारी नीतियों का गवाह है।
खरगे ने देश के निर्माण में पूर्व प्रधानमंत्रियों के योगदान को भी रेखांकित किया। उन्होंने जवाहरलाल नेहरू द्वारा आधुनिक भारत की नींव रखने, आईआईटी और आईआईएम जैसे संस्थानों की स्थापना का जिक्र किया। साथ ही, लाल बहादुर शास्त्री की हरित और श्वेत क्रांति के प्रति प्रतिबद्धता और इंदिरा गांधी के साहसी फैसलों को याद करते हुए खरगे ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा देश को मजबूत करने का काम किया है, जबकि वर्तमान सरकार केवल संस्थानों के नाम बदलने और श्रेय लेने तक सीमित है।
संसद की मर्यादा और कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री सदन के प्रति अपनी जवाबदेही से बचते हैं। उन्होंने कटाक्ष किया कि सत्ताधारी नेता सदन में चर्चा का सामना करने के बजाय अपने कमरों में छिपकर रहना पसंद करते हैं। इसके साथ ही, उन्होंने भाजपा और आरएसएस पर धर्म के नाम पर नफरत फैलाने और समाज को बांटने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मंदिरों में चढ़ावे तक को सुरक्षित नहीं रखा जा रहा है, जो वर्तमान प्रशासन की बदनीयती को दर्शाता है।
अंत में, मल्लिकार्जुन खरगे ने देश के युवाओं और प्रदर्शनकारियों के साथ खड़े होने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि संवैधानिक अधिकारों के लिए आवाज उठाना देशद्रोह नहीं है और कांग्रेस हमेशा ‘मोहब्बत की दुकान’ खोलकर देश को जोड़ने का काम करेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि आजादी का असली अर्थ केवल सत्ता सुख नहीं, बल्कि हर गरीब और युवा को समान अवसर, शिक्षा और सम्मान दिलाना है, जिस दिशा में वर्तमान सरकार पूरी तरह विफल रही है।
Author: Shivam Verma
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