Lucknow News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नए प्रदेश मुख्यालय के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। भाजपा ने लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की ऑनलाइन नीलामी में तीन बड़े बिल्डर समूहों को पीछे छोड़ते हुए 45 करोड़ रुपये की सबसे ऊंची बोली लगाकर जियामऊ स्थित 5500 वर्गमीटर जमीन खरीद ली है।
एलडीए ने यह जमीन पिछले महीने लखनऊ नगर निगम से 29 करोड़ रुपये में प्राप्त की थी। अब 45 करोड़ रुपये में बिक्री होने से प्राधिकरण को उल्लेखनीय आर्थिक लाभ हुआ है। नीलामी प्रक्रिया में भाजपा सहित कई प्रमुख दावेदार शामिल थे, लेकिन सबसे अधिक बोली लगाकर भाजपा ने भूखंड अपने नाम कर लिया।
अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा छह मंजिला प्रदेश मुख्यालय
भाजपा इस भूखंड पर आधुनिक सुविधाओं से युक्त छह मंजिला प्रदेश मुख्यालय बनाने की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित भवन में प्रशासनिक कार्यालय, बैठक कक्ष, सम्मेलन सुविधाएं और संगठनात्मक गतिविधियों के लिए आवश्यक सभी आधुनिक व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी।
सूत्रों के मुताबिक, भवन की सबसे ऊपरी मंजिल पर हेलीपैड बनाने की भी योजना है, जिससे राष्ट्रीय स्तर के नेताओं की आवाजाही अधिक सुगम हो सके। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी में इस परियोजना का शुभारंभ किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
जमीन वापसी के बाद बदली पूरी प्रक्रिया
यह भूखंड पहले नगर निगम द्वारा दीनदयाल उपाध्याय सेवा न्यास को आवंटित किया गया था। वर्ष 2020 में करीब 5500 वर्गमीटर भूमि 90 वर्ष की लीज पर न्यास को दी गई थी। बाद में इसे फ्रीहोल्ड करने का प्रस्ताव भी पारित किया गया था ताकि यहां भाजपा का प्रदेश मुख्यालय स्थापित किया जा सके।
हालांकि, 7 अप्रैल को न्यास के सदस्य कृष्ण कुमार दीक्षित ने नगर निगम को पत्र लिखकर बजट की कमी का हवाला देते हुए जमीन वापस करने का निर्णय लिया। इसके बाद पूरे मामले ने नया मोड़ लिया और भूमि के आवंटन की प्रक्रिया दोबारा शुरू की गई।
सर्किल रेट के दोगुने मूल्य पर एलडीए को मिली जमीन
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने नगर आयुक्त गौरव कुमार को पत्र भेजकर भूखंड को सर्किल रेट के दोगुने मूल्य पर एलडीए को हस्तांतरित करने का अनुरोध किया था। नगर निगम सदन ने भी इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी।
इसके बाद एलडीए ने भूमि को अपने अधिकार में लेकर उसकी खुली नीलामी कराने का निर्णय लिया। इस प्रक्रिया के तहत इच्छुक पक्षों को प्रतिस्पर्धी बोली लगाने का अवसर दिया गया।
नीलामी से एलडीए को हुआ बड़ा आर्थिक लाभ
प्रत्यक्ष हस्तांतरण के बजाय नीलामी का विकल्प चुनना एलडीए के लिए लाभदायक साबित हुआ। 29 करोड़ रुपये में प्राप्त की गई जमीन 45 करोड़ रुपये में बिकने से प्राधिकरण को 16 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हुआ।
अधिकारियों का मानना है कि खुली और पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया अपनाने से भविष्य में किसी प्रकार के कानूनी या प्रशासनिक विवाद की संभावना भी काफी हद तक कम हो जाएगी।
जुलाई में हो सकता है शिलान्यास
भाजपा सूत्रों के अनुसार नए प्रदेश मुख्यालय के निर्माण को लेकर पार्टी का शीर्ष नेतृत्व गंभीरता से काम कर रहा है। चर्चा है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जुलाई में प्रस्तावित भवन का शिलान्यास कर सकते हैं। हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
खसरा संख्या 196 बनेगा राजनीतिक गतिविधियों का नया केंद्र
जियामऊ स्थित खसरा संख्या 196 का यह भूखंड आने वाले समय में प्रदेश की राजनीति का महत्वपूर्ण केंद्र बनने जा रहा है। प्रदेश मुख्यालय के निर्माण के बाद भाजपा की संगठनात्मक और राजनीतिक गतिविधियों का संचालन यहीं से किया जाएगा।
राजधानी लखनऊ में स्थित यह नया परिसर भाजपा के लिए एक प्रमुख प्रशासनिक और राजनीतिक केंद्र के रूप में विकसित होगा तथा राज्य की राजनीतिक गतिविधियों में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रहने की संभावना है।
Author: Shivam Verma
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