Lucknow PNG Supply News: राजधानी लखनऊ के हजारों परिवारों को अगले कुछ दिनों तक रसोई गैस से जुड़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। गोमतीनगर के विपुल खंड क्षेत्र में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की आपूर्ति 18 जून से 20 जून के बीच लगभग 48 घंटे के लिए बंद रहेगी। ग्रीन गैस लिमिटेड (GGL) ने सिस्टम अपग्रेडेशन और पाइपलाइन रखरखाव कार्य के चलते यह निर्णय लिया है। कंपनी के अनुसार इस अवधि में करीब 8,000 घरेलू उपभोक्ता प्रभावित होंगे।
18 जून सुबह से शुरू होगा तकनीकी कार्य
ग्रीन गैस लिमिटेड के अधिकारियों के मुताबिक, 18 जून को सुबह करीब 10 बजे से तकनीकी कार्य शुरू किया जाएगा। इस दौरान संबंधित क्षेत्र में PNG आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद रखी जाएगी। कंपनी का कहना है कि गैस नेटवर्क को आधुनिक बनाने और उसकी कार्यक्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से यह कार्य किया जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, काम को निर्धारित समय के भीतर पूरा करने का प्रयास किया जाएगा और लगभग 48 घंटे के भीतर गैस आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। हालांकि तकनीकी परिस्थितियों के आधार पर समय में मामूली बदलाव संभव है।
केवल विपुल खंड क्षेत्र के उपभोक्ता होंगे प्रभावित
कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, फिलहाल केवल गोमतीनगर के विपुल खंड क्षेत्र में PNG सप्लाई बाधित रहेगी। शहर के अन्य इलाकों में गैस आपूर्ति सामान्य रूप से जारी रहेगी। ऐसे उपभोक्ता जिनका कनेक्शन विपुल खंड नेटवर्क से नहीं जुड़ा है, उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
ग्रीन गैस लिमिटेड ने प्रभावित उपभोक्ताओं को पहले से वैकल्पिक व्यवस्था करने की सलाह दी है, ताकि खाना बनाने और अन्य घरेलू जरूरतों में किसी तरह की दिक्कत न हो।
LPG संकट के बीच बढ़ी लोगों की चिंता
स्थानीय निवासियों का कहना है कि ऐसे समय में PNG आपूर्ति बंद होना उनकी परेशानी बढ़ा सकता है। हाल के दिनों में एलपीजी सिलेंडर की उपलब्धता और आपूर्ति को लेकर भी लोगों के बीच चिंता बनी हुई है। ऐसे में जो परिवार पूरी तरह PNG पर निर्भर हैं, उन्हें दो दिनों तक वैकल्पिक ईंधन की व्यवस्था करनी पड़ सकती है।
कई उपभोक्ताओं ने बताया कि नियमित रूप से PNG का उपयोग होने के कारण अब अधिकांश घरों में एलपीजी सिलेंडर बैकअप के रूप में भी नहीं रखा जाता। सप्लाई बंद होने की सूचना के बाद लोग वैकल्पिक इंतजाम करने में जुट गए हैं।
PNG की बढ़ती लोकप्रियता की वजह
पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) प्राकृतिक गैस का एक स्वच्छ और सुविधाजनक रूप है, जिसे पाइपलाइन के माध्यम से सीधे घरों तक पहुंचाया जाता है। इसके उपयोग से सिलेंडर बुक कराने, डिलीवरी का इंतजार करने और गैस खत्म होने जैसी समस्याओं से राहत मिलती है।
लखनऊ समेत देश के कई बड़े शहरों में PNG कनेक्शन की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसकी प्रमुख वजह कम प्रदूषण, बेहतर सुरक्षा और आसान उपयोग है। इसके अलावा उपभोक्ताओं को केवल उतनी ही गैस का भुगतान करना होता है, जितनी वे इस्तेमाल करते हैं।
सिस्टम अपग्रेडेशन से नेटवर्क होगा और मजबूत
ग्रीन गैस लिमिटेड का कहना है कि अपग्रेडेशन कार्य पूरा होने के बाद गैस आपूर्ति नेटवर्क अधिक मजबूत और भरोसेमंद बनेगा। इससे भविष्य में तकनीकी बाधाओं की संभावना कम होगी और उपभोक्ताओं को बेहतर दबाव के साथ निर्बाध गैस आपूर्ति मिल सकेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि शहरों में तेजी से बढ़ रहे PNG उपभोक्ताओं को देखते हुए समय-समय पर नेटवर्क अपग्रेडेशन आवश्यक है। इससे सुरक्षा मानकों को मजबूत करने के साथ-साथ नई तकनीकों को भी गैस वितरण प्रणाली में शामिल किया जा सकता है।
Author: Shivam Verma
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