Meerut News: 4 मई की रात मेरठ के मवाना कस्बे में कुछ ऐसा हुआ जिसने पुलिस महकमे की नींद उड़ा दी। सरकारी शराब की दुकान पर फिल्मी अंदाज़ में लूट की वारदात को अंजाम देकर फरार हुए बदमाशों की तलाश जब तेज़ हुई, तो 5 मई की रात मवाना पुलिस ने एक मुठभेड़ में उन्हें धर दबोचा। इस पूरी कार्रवाई में चार बदमाश गोली लगने से घायल हुए, जबकि पांचवां पुलिस की घेराबंदी में भाग नहीं सका और दबोच लिया गया।
कैसे हुई वारदात?
4 मई की रात करीब 10 बजे मवाना की मिल रोड पर स्थित सरकारी शराब की दुकान बंद हो चुकी थी। सेल्समैन अशोक कुमार ड्यूटी खत्म कर घर लौट ही रहे थे कि अचानक एक TOYOTA Glanza कार आकर रुकी। उसमें से उतरे पांच बदमाशों ने पहले अशोक से मारपीट की और फिर तमंचे के बल पर दुकान खुलवाई। चंद मिनटों में दो बोतल रोकेफोर्ड और एक पेटी बीयर लेकर बदमाश फर्राटे से निकल गए।
‘हाई-प्रोफाइल’ अपराधी आए सामने
इस लूट की गूंज सिर्फ मवाना में नहीं, बल्कि पूरे पुलिस महकमे में सुनाई दी। जांच में पता चला कि यह कोई सामान्य लूट नहीं थी, बल्कि इसे अंजाम देने वाले बदमाश मेरठ, गाजियाबाद और हापुड़ के कुख्यात हिस्ट्रीशीटर थे। जिनके नाम से ही कई थानों में सायरन बजने लगते हैं।
सूचना मिलने पर मवाना पुलिस ने अगली रात तिगरी कट मुबारिकपुर मोड़ के पास घेराबंदी कर दी। जैसे ही TOYOTA Glanza कार वहां पहुंची, पुलिस को देखते ही बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में चार बदमाश — शिवम उर्फ गोलू, विनीत, रजनीश और अंकित — घायल हो गए। वहीं पांचवां बदमाश तरुण कार से बाहर निकलते ही पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
संगठित गैंग का पर्दाफाश
पुलिस के मुताबिक यह गैंग तीन जिलों में फैला हुआ था और सुपारी लेकर हत्या, अवैध हथियारों की सप्लाई और लूट जैसी वारदातों में संलिप्त था। इनके आपराधिक नेटवर्क की जड़ें मेरठ, गाजियाबाद और हापुड़ में गहराई से फैली थीं। इनके सदस्य रजनीश उर्फ छोटू – मवाना का हिस्ट्रीशीटर (₹25,000 का इनामी), विनीत भडाना – किठौर का कुख्यात अपराधी (₹25,000 का इनामी), शिवम उर्फ गोलू – फलावदा से (₹25,000 का इनामी), अंकित – ढिकौली निवासी, हत्या और लूट के मामलों में वांछित, तरुण – मोदीनगर का निवासी, कई आपराधिक मामलों में आरोपी हैं।
साथ ही पुलिस ने इस मुठभेड़ के बाद 4 देसी तमंचे (.315 बोर), जिंदा और खोखा कारतूस, लूट में इस्तेमाल की गई TOYOTA Glanza कार बरामद की है।











