सितंबर महीने की शुरुआत आम जनता के लिए एक नई आर्थिक चुनौती लेकर आई है। सरकारी तेल कंपनियों ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में इजाफा कर दिया है, जिसका सीधा असर अब रेस्तरां में मिलने वाले खाने और होटल इंडस्ट्री पर देखने को मिलेगा। इसके साथ ही विमान ईंधन यानी एटीएफ की कीमतों में भी बढ़ोतरी की गई है, जिससे आने वाले समय में हवाई यात्रा करना भी यात्रियों के लिए महंगा साबित हो सकता है।
नई दरों के लागू होने के बाद 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में प्रमुख शहरों के हिसाब से करीब 9 रुपये से लेकर 11 रुपये तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि, राहत की बात यह है कि आम आदमी के किचन में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दामों में कोई फेरबदल नहीं किया गया है, जो लगातार तीसरे महीने स्थिर बने हुए हैं।
इस मूल्य वृद्धि के बाद कांग्रेस पार्टी ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कांग्रेस ने तंज कसते हुए कहा कि जनता पर ‘महंगाई मैन’ का हंटर एक बार फिर चल पड़ा है। विपक्षी पार्टी का आरोप है कि पिछले आठ महीनों के भीतर कमर्शियल सिलेंडर के दामों में भारी बढ़ोतरी की गई है, जिससे छोटे कारोबारियों और आम मध्यम वर्ग की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
देश के अलग-अलग शहरों में सिलेंडर की नई कीमतों पर नजर डालें तो पटना में यह सबसे अधिक 3,029 रुपये तक पहुंच गया है। वहीं, दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत बढ़कर 2,747.50 रुपये और मुंबई में 2,701 रुपये हो गई है। चेन्नई और कोलकाता जैसे महानगरों में भी कीमतों में 10 रुपये से लेकर 11 रुपये तक की वृद्धि की गई है, जिससे व्यावसायिक उपयोग करने वाले दुकानदारों में चिंता देखी जा रही है।
विमानन क्षेत्र की बात करें तो एटीएफ की दरों में 6.28 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है, जिससे अब इसकी नई कीमत 121.28 रुपये प्रति लीटर हो गई है। ईंधन की कीमतों में यह ताजा उछाल त्योहारी सीजन के करीब आने से पहले आम जनता के बजट को प्रभावित कर सकता है। अब देखना यह होगा कि क्या सरकार आने वाले दिनों में आम आदमी को राहत देने के लिए कोई नया कदम उठाती है या बढ़ती कीमतों का यह सिलसिला जारी रहता है।
Author: Shivam Verma
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