SCO Summit 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के 26वें शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुंच चुके हैं। इस महत्वपूर्ण यात्रा के दौरान पीएम मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन के साथ एक विशेष द्विपक्षीय बैठक की है। यह मुलाकात पश्चिम एशिया में चल रहे मौजूदा तनाव और संघर्ष के बीच काफी मायने रखती है, क्योंकि दोनों शीर्ष नेताओं की यह पहली औपचारिक बातचीत है।
बिश्केक में आयोजित इस SCO शिखर सम्मेलन में वैश्विक स्तर के कई कद्दावर नेता शामिल हो रहे हैं, जिनमें रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का नाम प्रमुख है। इस समिट का मुख्य एजेंडा क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद का मुकाबला और सीमा पार से आने वाले खतरों के अलावा ऊर्जा, व्यापार और डिजिटल सहयोग को मजबूत करना है।
कूटनीतिक मुलाकातों के इस सिलसिले में पीएम मोदी ने आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पशिन्यान के साथ भी द्विपक्षीय बातचीत की। इसके अलावा, किर्गिस्तान के रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों और योग फेडरेशन के प्रतिनिधियों के साथ भी उनकी मुलाकात चर्चा का विषय रही। किर्गिस्तान योग फेडरेशन के प्रेसिडेंट डैनिल रायकोव ने पीएम मोदी के साथ अपनी मुलाकात को यादगार बताया और देश में योग के प्रचार-प्रसार के लिए भारत से सहयोग की अपील की।
शिखर सम्मेलन से इतर पीएम मोदी ने बिश्केक में महात्मा गांधी स्मारक पर जाकर उन्हें नमन किया और पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने वहां मौजूद भारतीय समुदाय के लोगों से भी संवाद किया, जिससे किर्गिस्तान में रह रहे भारतीयों का उत्साहवर्धन हुआ। अपनी इस विदेश यात्रा के जरिए प्रधानमंत्री भारत के कूटनीतिक संबंधों को एक नई ऊंचाई देने की कोशिश कर रहे हैं।
हालांकि, समिट के दौरान भारत और चीन के बीच संबंधों पर सबकी निगाहें टिकी थीं, लेकिन सूत्रों के अनुसार पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच फिलहाल किसी औपचारिक द्विपक्षीय बैठक की संभावना नहीं है। वर्तमान में वैश्विक चुनौतियों को देखते हुए यह शिखर सम्मेलन भारत के लिए क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम मंच साबित हो रहा है।
Author: Shivam Verma
Description










