Hamirpur News: भाई-बहन का रिश्ता सिर्फ खून के रिश्ते से नहीं बनता, बल्कि स्नेह और अपनापन भी दो लोगों को एक मजबूत रिश्ते में बांध सकता है। हमीरपुर में ऐसा ही एक भावुक नजारा देखने को मिला, जब गाजीपुर की 65 वर्षीय लक्ष्मीना अपने मुंहबोले भाई और सदर एसडीएम अभिषेक कुमार को राखी बांधने के लिए सैकड़ों किलोमीटर की दूरी तय कर हमीरपुर पहुंचीं। दोनों की करीब चार साल बाद मुलाकात हुई तो माहौल भावुक हो गया।

वर्ष 2022 में समस्या लेकर पहुंची थीं लक्ष्मीना
गाजीपुर जिले के जरगो गांव की रहने वाली लक्ष्मीना की मुलाकात वर्ष 2022 में तत्कालीन एसडीएम अभिषेक कुमार से हुई थी। उस समय लक्ष्मीना अपनी विरासत से जुड़ी एक समस्या लेकर एसडीएम के पास पहुंची थीं। उनके हाथ में शिकायती पत्र था और आंखों में परेशानी के आंसू थे। एसडीएम अभिषेक कुमार ने उनकी बात सुनी और मामले का समाधान कराया।
समस्या का समाधान होने के बाद लक्ष्मीना ने संकोच के साथ एसडीएम से अपने मन की बात कही। उन्होंने बताया कि वह गरीब महिला हैं, लेकिन उन्हें अपना भाई मानती हैं और उनकी कलाई पर राखी बांधना चाहती हैं। एसडीएम अभिषेक कुमार ने भी उनकी राखी स्वीकार कर ली। इसी के साथ दोनों के बीच एक ऐसा रिश्ता बन गया, जिसमें खून का संबंध नहीं था, लेकिन भाई-बहन जैसा अपनापन जरूर था।

तबादले के बाद चार साल तक नहीं हुई मुलाकात
समय के साथ एसडीएम अभिषेक कुमार का तबादला दूसरे जिलों में हो गया। वर्तमान में वह हमीरपुर सदर तहसील में एसडीएम के पद पर तैनात हैं। वहीं, लक्ष्मीना गाजीपुर में ही रहीं। इस दौरान करीब चार साल तक दोनों की मुलाकात नहीं हुई और न ही कोई संपर्क हो सका।
टीवी पर भाई को देखा तो पुरानी यादें हुईं ताजा
हाल ही में कलक्ट्रेट में हुए एक धरना-प्रदर्शन के दौरान एसडीएम अभिषेक कुमार का बच्चों को समझाते हुए वीडियो टीवी पर प्रसारित हुआ। टीवी पर अचानक अपने मुंहबोले भाई को देखकर लक्ष्मीना की चार साल पुरानी यादें ताजा हो गईं।
इसके बाद उन्होंने दूरी की परवाह नहीं की और रक्षाबंधन पर अपने भाई को राखी बांधने का फैसला किया। लक्ष्मीना राखी लेकर गाजीपुर से हमीरपुर पहुंच गईं।
अचानक बहन को सामने देखकर भावुक हुए एसडीएम
जब लक्ष्मीना अचानक हमीरपुर में अपने मुंहबोले भाई एसडीएम अभिषेक कुमार के सामने पहुंचीं तो वह भी भावुक हो गए। लक्ष्मीना ने उनकी कलाई पर राखी बांधी। चार साल बाद भाई-बहन की इस मुलाकात का दृश्य देखकर वहां मौजूद लोग भी भावुक हो उठे।

एसडीएम अभिषेक कुमार ने कहा कि उनकी एक बहन विदेश में रहती हैं, लेकिन लक्ष्मीना ने उनकी कमी पूरी कर दी है। उन्होंने कहा कि राखी का यह रिश्ता उनके लिए बेहद खास है और चार साल बाद अपनी बहन से मिलना उनके लिए भावुक कर देने वाला पल है।
राखी के धागे ने फिर जोड़ दिया चार साल पुराना रिश्ता
लक्ष्मीना और अभिषेक कुमार की कहानी यह बताती है कि रिश्तों की मजबूती के लिए खून का संबंध होना जरूरी नहीं है। सच्चा अपनापन हो तो दूरियां भी रिश्ते की डोर को कमजोर नहीं कर पातीं। चार साल बाद राखी के बहाने हुई इस मुलाकात ने एक बार फिर दोनों के बीच बने उस आत्मीय भाई-बहन के रिश्ते को जोड़ दिया।
Author: Shivam Verma
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