World News: वाशिंगटन से एक बेहद अहम और बड़ी कूटनीतिक खबर सामने आ रही है, जहां अमेरिका के व्हाइट हाउस ने आधिकारिक रूप से भारत को दुनिया भर में अपना सबसे भरोसेमंद और मजबूत सहयोगी करार दिया है। अमेरिकी प्रशासन का यह बयान दोनों देशों के बीच लगातार प्रगाढ़ हो रहे कूटनीतिक और रणनीतिक रिश्तों को एक नई मजबूती देने वाला माना जा रहा है, जिसपर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी हुई हैं।
व्हाइट हाउस की आधिकारिक प्रवक्ता एना केली ने मीडिया से बातचीत के दौरान भारत और अमेरिका के बीच की पार्टनरशिप की खुलकर सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से रेखांकित किया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच का व्यक्तिगत तालमेल और आपसी विश्वास दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को अभूतपूर्व ऊंचाइयों पर ले जाने में मुख्य भूमिका निभा रहा है।
यह बयान ऐसे महत्वपूर्ण समय में सामने आया है जब भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सार्वजनिक जनसेवा के सफर में 25 गौरवशाली वर्ष यानी एक चौथाई सदी पूरी कर ली है। इस खास अवसर पर व्हाइट हाउस की ओर से आई यह सकारात्मक प्रतिक्रिया भारत के वैश्विक रसूख और नेतृत्व क्षमता की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर से बड़ी स्वीकृति मानी जा रही है।
हालांकि वैश्विक स्तर पर कई बार व्यापारिक नीतियों और अन्य मुद्दों पर दोनों देशों के बीच मतभेद उभरकर सामने आते रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद वॉशिंगटन और नई दिल्ली ने आपसी कूटनीति के जरिए हमेशा एक मजबूत और व्यावहारिक रास्ता निकाला है। जानकारों का मानना है कि दोनों शीर्ष नेताओं की मजबूत इच्छाशक्ति की वजह से ही तमाम वैचारिक भिन्नताओं के बाद भी रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत बनी हुई है।
बता दें कि पीएम मोदी ने साल 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में अपनी प्रशासनिक पारी की शुरुआत की थी और साल 2014 के बाद से वे देश के प्रधानमंत्री के रूप में भारत की कमान संभाल रहे हैं। उनके कार्यकाल के दौरान वैश्विक मंचों पर भारत की कूटनीतिक ताकत में जबरदस्त इजाफा हुआ है, जिसे अब अमेरिका जैसे महाशक्ति देश ने भी आधिकारिक तौर पर स्वीकार कर लिया है।










