मिडिल ईस्ट में जारी भीषण संघर्ष की चपेट में एक बार फिर भारत का लाल आ गया है। ओमान के समुद्री तट के पास एक मालवाहक जहाज को निशाना बनाकर किए गए खतरनाक हमले में गुजरात के एक भारतीय नाविक की दर्दनाक मौत हो गई है। इस दुखद घटना के बाद से मृतक के परिवार और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है, वहीं प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एमएसवी अल जुसुफी नाम का यह मालवाहक जहाज संयुक्त अरब अमीरात के हमरियाह बंदरगाह से जरूरी सामान लेकर गुजरात के पोरबंदर की तरफ आ रहा था। जब यह जहाज ओमान के समुद्री क्षेत्र से गुजर रहा था, तभी एक अज्ञात हवाई वस्तु यानी खतरनाक ड्रोन या मिसाइल ने इस पर अचानक हमला कर दिया, जिससे जहाज को भारी क्षति पहुंची।
केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने सोशल मीडिया के जरिए इस पूरी घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि इस मालवाहक पोत पर कुल 14 भारतीय नाविक सवार थे। गनीमत यह रही कि ओमान के तटरक्षक बल यानी कोस्ट गार्ड ने तत्परता दिखाते हुए बाकी के 13 क्रू मेंबरों को सकुशल बचा लिया, लेकिन गुजरात के देवभूमि द्वारका जिले के रहने वाले नाविक गंधार नाहिम अजीज गंभीर रूप से घायल होने के कारण अपनी जान नहीं बचा सके।
इस बीच, भारत सरकार और ओमान में स्थित भारतीय दूतावास लगातार स्थानीय प्रशासन के संपर्क में बने हुए हैं। अधिकारियों की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि सुरक्षित बचाए गए 13 भारतीय नागरिकों को जल्द से जल्द हरसंभव सहायता मुहैया कराई जाए और मृतक गंधार नाहिम अजीज के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द उनके पैतृक निवास स्थान भारत वापस लाया जा सके।
गौरतलब है कि मिडिल ईस्ट में चल रही खूनी जंग की वजह से अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर लगातार खतरे मंडरा रहे हैं। विदेश मंत्रालय के हालिया आंकड़ों के मुताबिक, इस भयंकर संघर्ष की चपेट में आने से अब तक कुल 22 भारतीय नागरिकों की जान जा चुकी है, जिनमें अकेले 14 नाविक शामिल हैं। इस लगातार बढ़ते तनाव के चलते विदेश मंत्रालय ने गहरी चिंता जताई है और युद्धग्रस्त क्षेत्र में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा को लेकर कड़े कदम उठाए जा रहे हैं।










