Rajasthan: राजस्थान के दौसा जिले में कानून व्यवस्था को लेकर एक साथ कई बड़ी घटनाएं सामने आई हैं, जिसने प्रशासनिक महकमे में खलबली मचा दी है। जयपुर-आगरा नेशनल हाईवे पर फाइनेंस रिकवरी के नाम पर एक बस को बीच सड़क पर रोकने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। कार सवार कुछ युवकों ने बस के सामने गाड़ी लगाकर उसे जबरन रुकवाया और खुद को बैंक अधिकारी बताकर यात्रियों को नीचे उतार दिया, जिससे हाईवे पर घंटों तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
पुलिस को एक बड़ी कामयाबी भी हाथ लगी है, जहां साइबर सेल और कोतवाली पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 20 हजार रुपये के इनामी हिस्ट्रीशीटर मोहन डूडी को धर दबोचा है। आरोपी पर करीब ढाई साल पहले जमीन विवाद में एक बुजुर्ग महिला की हत्या का आरोप था। पुलिस ने हरियाणा के बावल से इस कुख्यात अपराधी को तब पकड़ा, जब वह केरल से ट्रक के जरिए तस्करी कर लौट रहा था। मोहन डूडी की गिरफ्तारी पुलिस के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
दूसरी ओर, दौसा में चिकित्सा कर्मियों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। जयपुर में नर्सेज पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में कर्मचारी महासंघ ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। संविदा नर्सेज दीपक खारवाल की आत्महत्या के बाद से ही पूरे प्रदेश के स्वास्थ्य कर्मचारियों में सरकार के प्रति आक्रोश है। प्रदर्शनकारियों ने मृतक के परिजनों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांग रखी है और सरकार को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेंगे।
वहीं, सड़क सुरक्षा के मोर्चे पर एक दुखद समाचार सामने आया है। जयपुर-आगरा नेशनल हाईवे पर पीपलखेड़ा के पास तेज रफ्तार क्रेटा कार ने पैदल चल रहे बाबूलाल गुर्जर को जोरदार टक्कर मार दी। मृतक किसी धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। इस घटना के बाद स्थानीय पुलिस ने आरोपी चालक की कार को जब्त कर लिया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। जिले में लगातार हो रहे इन आपराधिक और जन-आंदोलन के मामलों ने स्थानीय प्रशासन की चिंताएं बढ़ा दी हैं।
Author: Shivam Verma
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