Surat Flood Update: गुजरात के सूरत में मूसलाधार बारिश और उसके बाद आई भीषण बाढ़ ने जनजीवन को बुरी तरह तहस-नहस कर दिया है। शहर के कई इलाकों में जलभराव के चलते हालात अब भी भयावह बने हुए हैं। जैसे-जैसे बाढ़ का पानी कम हो रहा है, तबाही के डरावने मंजर सामने आ रहे हैं। राहत और बचाव कार्य के दौरान पिछले 24 घंटों में 13 और शव बरामद किए गए हैं, जिससे राज्य में इस प्राकृतिक आपदा के कारण मरने वालों की कुल संख्या 41 तक पहुंच गई है।
इस आपदा का सबसे बुरा असर लिंबायत, सरोली, भेस्तान, खरवासा, अमरोली और वालाक पाटिया जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में देखा गया है। लगातार हुई तेज बारिश ने इन इलाकों को पूरी तरह से पानी में डुबो दिया था। रिहायशी बस्तियों के अलावा बहुमंजिला इमारतों के बेसमेंट में भी पानी भर जाने से वहां खड़ी गाड़ियां और अन्य सामान पूरी तरह नष्ट हो गए हैं। स्थानीय निवासियों को अपनी जान बचाने के लिए ऊंचे स्थानों पर शरण लेने को मजबूर होना पड़ा है।
प्रशासन की ओर से लगातार तलाशी अभियान चलाया जा रहा है ताकि कीचड़ और मलबे में दबे शवों को निकाला जा सके। जैसे-जैसे पानी उतर रहा है, मलबे के नीचे से शवों के मिलने का सिलसिला जारी है, जिससे स्थानीय लोगों के बीच डर और दुख का माहौल है। प्रशासन अभी मृतकों की पहचान करने की प्रक्रिया में जुटा है ताकि उनके परिवारों को इस बारे में सूचित किया जा सके और उचित सहायता पहुंचाई जा सके।
बाढ़ के बाद प्रभावित क्षेत्रों में अब दूसरी बड़ी चुनौती पेयजल की कमी और बिजली की कटौती बनी हुई है। बिजली आपूर्ति ठप होने और सड़कों पर जमी गंदगी व कीचड़ की मोटी परत ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। कई जगह सफाई अभियान शुरू तो कर दिया गया है, लेकिन काम बड़े पैमाने पर होने के कारण आम जनता में प्रशासन की सुस्त गति को लेकर काफी नाराजगी भी देखने को मिल रही है।
प्रशासन ने साफ किया है कि राहत और पुनर्वास कार्य को युद्धस्तर पर पूरा करने की कोशिश की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित परिवारों को बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने के साथ-साथ यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी व्यक्ति लापता न रहे। पूरे क्षेत्र में सुरक्षा मानकों के साथ बचाव दल तैनात हैं ताकि आने वाले दिनों में स्थिति को धीरे-धीरे सामान्य किया जा सके।
Author: Shivam Verma
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