Lawrence Bishnoi: अमेरिकी न्याय विभाग ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसके सहयोगियों के खिलाफ एक बेहद गंभीर और विस्तृत चार्जशीट दायर की है। कैलिफोर्निया की फेडरल कोर्ट में पेश किए गए इस दस्तावेज में बिश्नोई पर न केवल हत्या और रंगदारी जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं, बल्कि उसे एक अंतरराष्ट्रीय आपराधिक सिंडिकेट का मास्टरमाइंड बताया गया है। हैरान करने वाली बात यह है कि भारत की जेल में बंद होने के बावजूद बिश्नोई किस तरह से मोबाइल और वीओआईपी डिवाइस के जरिए विदेशों में बैठे अपने गुर्गों को दिशा-निर्देश दे रहा था, इसका पूरा कच्चा-चिट्ठा इस चार्जशीट में मौजूद है।
इस चार्जशीट में उन हाई-प्रोफाइल मामलों का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है जिन्होंने भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया को दहला दिया था। इनमें खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या, मशहूर पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या और अभिनेता सलमान खान को मिल रही लगातार धमकियां शामिल हैं। अमेरिकी जांच एजेंसियों का दावा है कि बिश्नोई का गिरोह अब केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अमेरिका, कनाडा, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में फैला हुआ एक वैश्विक नेटवर्क बन चुका है, जो संगठित अपराध को अंजाम दे रहा है।
दस्तावेजों में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग कैसे ‘बिश्नोई ऑर्गनाइज्ड क्राइम ग्रुप’ के रूप में काम करता है। चार्जशीट के अनुसार, सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा इस नेटवर्क के प्रमुख संचालक हैं जो क्रमशः उत्तरी अमेरिका और यूरोप में गैंग की कमान संभाले हुए हैं। अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, गैंग ने कई प्रमुख हस्तियों को अपना निशाना बनाया है, जिसमें अभिनेता गिप्पी ग्रेवाल के घर पर हुई फायरिंग और कैलिफोर्निया में सुनील यादव की हत्या जैसे मामले भी शामिल हैं।
सलमान खान को लेकर चार्जशीट में अहम खुलासे किए गए हैं। इसमें स्पष्ट कहा गया है कि बिश्नोई गैंग ने 2022 से 2026 के बीच अभिनेता की हत्या की कई बार साजिश रची। साल 1998 के काले हिरण मामले को आधार बनाकर गैंग लगातार सलमान खान को निशाना बना रहा है, जिसका सबूत मुंबई में उनके घर के बाहर हुई फायरिंग है। वहीं, सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड की जिम्मेदारी भी इस गिरोह ने कबूल की है, जिसे अमेरिकी अदालती दस्तावेजों में बतौर साक्ष्य दर्ज किया गया है।
अमेरिका का यह कदम लॉरेंस बिश्नोई के लिए एक बड़ी मुसीबत बन सकता है। भारतीय जेल में बंद होने के बावजूद जिस तरह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसके आपराधिक नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है, उससे साफ है कि आने वाले दिनों में उसकी मुश्किलें और बढ़ने वाली हैं। अमेरिकी प्रशासन ने बिश्नोई के सहयोगियों के खिलाफ भी सख्त रुख अपनाते हुए उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंधित और वांटेड की श्रेणी में रखा है, जिससे यह साफ होता है कि इस मामले की जांच अभी कई और बड़े खुलासे कर सकती है।
Author: Shivam Verma
Description










