Delhi News: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा पैलेट गन और गोलीबारी को लेकर सरकार पर लगाए गए आरोपों पर केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि गोली चलाने जैसे आदेश कोई भी मंत्री नहीं देता है। केंद्रीय मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि सुरक्षाबलों द्वारा गोलीबारी का निर्णय पूरी तरह से प्रशासनिक होता है और इसके आदेश देने का अधिकार संबंधित मजिस्ट्रेट के पास होता है, न कि सरकार के नुमाइंदों के पास।
जितेंद्र सिंह ने सदन में राहुल गांधी के दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि प्रदर्शनों के दौरान गोली चली ही नहीं थी, तो फिर आदेश का सवाल ही बेतुका है। उन्होंने विपक्षी नेता पर तथ्यों को नजरअंदाज करने और बिना आधार के बयानबाजी करने का आरोप लगाया। मंत्री ने कहा कि ऐसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर राजनीति करने के बजाय रचनात्मक सुझाव दिए जाने चाहिए, लेकिन विपक्ष केवल विवाद पैदा करने का काम कर रहा है।
संसद में चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री ने विपक्ष के व्यवहार पर भी कड़ा एतराज जताया। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं को ‘मूर्ख’ बताना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है और यह दिखाता है कि विपक्ष संसदीय गरिमा को बनाए रखने में विफल रहा है। उन्होंने हैरानी जताते हुए कहा कि राहुल गांधी को शायद संसदीय कामकाज के बुनियादी नियमों की भी समझ नहीं है, जिसके कारण वे लगातार असंसदीय भाषा का प्रयोग कर रहे हैं।
जितेंद्र सिंह ने 21 जुलाई की घटना का जिक्र करते हुए राहुल गांधी पर निजी हताशा निकालने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास के बाहर जाकर बैठना और सरकार पर आरोप मढ़ना विपक्ष की हताशा को दर्शाता है। मंत्री के अनुसार, जब विपक्ष की कोई राजनीतिक इच्छा पूरी नहीं होती, तो वे इस तरह के हताशा भरे कदम उठाते हैं और शिष्टता की सीमाएं लांघने लगते हैं।
अंत में, सरकार ने साफ कर दिया कि वह देश की सुरक्षा और युवाओं के भविष्य को लेकर पूरी तरह गंभीर है। सदन में हुई यह बहस सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बढ़ते तनाव का संकेत है, जहाँ सरकार ने राहुल गांधी को उनके बयानों को लेकर पूरी तरह से घेरा है और उन्हें जिम्मेदार व्यवहार अपनाने की सलाह दी है।
Author: Shivam Verma
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