Delhi News: मंगलवार को संसद परिसर का माहौल उस समय चर्चा का विषय बन गया, जब पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव बेहद हैरान कर देने वाले अंदाज में वहां पहुंचे। उन्होंने अपने सिर पर सफेद पट्टी बांधी हुई थी और उनका एक हाथ बैंडेज में लिपटा हुआ था। इतना ही नहीं, उन्होंने अपने हाथ में एक बड़ी लाठी भी थाम रखी थी। उनका यह ‘इंजर्ड लुक’ देखकर संसद में मौजूद सुरक्षाकर्मी और अन्य सांसद दंग रह गए।
मीडिया के सामने आते ही पप्पू यादव ने अपने इस अजीब प्रदर्शन का कारण साफ किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कोई वास्तविक दुर्घटना नहीं है, बल्कि नीट (NEET) पेपर लीक और बिहार में छात्रों पर हुए बर्बर पुलिस लाठीचार्ज के खिलाफ एक प्रतीकात्मक विरोध है। उन्होंने अपने हाथ में लाठी होने को लेकर तंज कसते हुए कहा कि यह उनकी सुरक्षा का प्रतीक है क्योंकि मौजूदा हालात में उन्हें यह नहीं पता कि सरकार कब किसे मरवा दे।
सांसद ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बिहार में छात्रों के आंदोलन को कुचलने के लिए बेहद क्रूर हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। उनका दावा है कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर एके-47 जैसे हथियारों का इस्तेमाल किया गया है, जो बेहद चिंताजनक है। उन्होंने आगे कहा कि जो ताकतें कभी सीमा पर आतंकवादियों के खिलाफ इस्तेमाल की जाती थीं, आज उसी का रुख मासूम छात्रों की ओर कर दिया गया है, जो अपनी परीक्षा की पवित्रता की मांग कर रहे हैं।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर सीधा हमला बोलते हुए पप्पू यादव ने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाओं के लिए जिम्मेदार लोगों को सजा देने के बजाय उन्हें सम्मानित किया जा रहा है। उन्होंने मिथिला पाग के सम्मान पर सवाल उठाते हुए कहा कि छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को सम्मानित करना उस संस्कृति और परंपरा का अपमान है।
पप्पू यादव का यह विरोध प्रदर्शन कोई पहली बार नहीं है, बल्कि वह लगातार छात्रों के मुद्दों पर मुखर रहे हैं। इससे पहले भी वे अपनी टी-शर्ट पर ‘Re-NEET Exam’ लिखवाकर संसद भवन पहुंच चुके हैं। मंगलवार का यह प्रदर्शन छात्रों के हक के लिए उनके संघर्ष की एक और कड़ी माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने सरकार को आईना दिखाने के लिए इस अनूठे तरीके का सहारा लिया है।











