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MP News: जबलपुर में डॉक्टरों की बड़ी लापरवाही: मुंह के अंदर लगा दी दाढ़ी वाली खाल, पीड़ित का जीवन बना दुश्वार

Jabalpur medical negligence oral surgery botched case
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MP News: मध्य प्रदेश के जबलपुर से चिकित्सा जगत को शर्मसार कर देने वाला एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक गरीब सब्जी विक्रेता ने जब मुंह के छाले का इलाज कराने के लिए डॉक्टर पर भरोसा किया, तो उसे एक ऐसी भयानक भूल का शिकार होना पड़ा जिसने उसकी पूरी जिंदगी तबाह कर दी। पीड़ित का आरोप है कि डॉक्टर ने सर्जरी के दौरान मुंह के अंदर का घाव भरने के लिए गलत जगह की त्वचा का इस्तेमाल किया, जिससे अब उसके मुंह के भीतर बाल उग रहे हैं।

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56 वर्षीय मुकेश कुमार, जो आधारताल के निवासी हैं, पिछले दो वर्षों से इस पीड़ा को झेल रहे हैं। उनके अनुसार, उन्होंने निजी अस्पताल के एक नामी डॉक्टर से इलाज कराया था, जिन्होंने उनसे मोटी रकम वसूली और सर्जरी के नाम पर धोखा दिया। ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर ने प्रभावित हिस्से पर ठुड्डी यानी दाढ़ी वाली जगह की चमड़ी ग्राफ्ट कर दी। नतीजतन, आज मुकेश के मुंह के अंदर दाढ़ी के बाल उगते हैं, जिससे उन्हें खाना-पीना तक दूभर हो गया है और उनका हर दिन किसी नरक से कम नहीं है।

पीड़ित मुकेश ने अपनी व्यथा सुनाते हुए बताया कि सर्जरी के लिए उनसे 75 हजार रुपये नकद लिए गए थे, जिसकी कोई रसीद तक नहीं दी गई। जब उन्हें इस गंभीर लापरवाही का अहसास हुआ, तो उन्होंने मदद के लिए मुंबई के टाटा मेमोरियल और एम्स भोपाल जैसे बड़े अस्पतालों का दरवाजा खटखटाया। वहां के विशेषज्ञों ने लेजर उपचार की सलाह तो दी, लेकिन इसका खर्च इतना अधिक है कि एक आम सब्जी बेचने वाले के लिए उसे वहन करना नामुमकिन सा है।

इतना ही नहीं, मुकेश पिछले 24 महीनों से मदन महल पुलिस थाना और पुलिस अधीक्षक कार्यालय के लगातार चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई कहीं नहीं हो रही है। आरोप है कि संबंधित डॉक्टर का रसूख इतना है कि पुलिस अधिकारी केवल आवेदन लेकर उन्हें लौटा देते हैं। जनसुनवाई में भी उन्हें न्याय का आश्वासन मिलने के बजाय खाली हाथ वापस भेज दिया गया, जिससे पीड़ित का सिस्टम और चिकित्सा व्यवस्था से विश्वास उठ गया है।

यह मामला मेडिकल एथिक्स और डॉक्टरों की जवाबदेही पर बड़े सवाल खड़े करता है। एक मामूली छाले का इलाज कराने गए व्यक्ति को अपनी गलती सुधारने के लिए दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर होना पड़ रहा है। अब पीड़ित ने उच्च अधिकारियों से गुहार लगाई है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो और उसे आरोपी डॉक्टर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ उचित मुआवजा और इलाज में सहायता मिले ताकि वह वापस एक सामान्य जीवन जी सके।

Shivam Verma
Author: Shivam Verma

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