Rajasthan News: राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ जिले में इन दिनों धार्मिक आस्था और सामाजिक सरोकार का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। सावन के पवित्र महीने की शुरुआत के साथ ही पूरा क्षेत्र शिवमय हो गया है, जहां कांवड़ियों की गूंज और प्रशासन के इंतजामों ने भक्ति का माहौल बना दिया है। वहीं, दूसरी ओर नारायणपुर जैसे इलाकों में किसान अपनी समस्याओं को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, जिनके समर्थन में विभिन्न संगठन आगे आ रहे हैं।
सावन की धूम के बीच एक शिवभक्त की कठिन तपस्या चर्चा का विषय बनी हुई है। यह भक्त हरिद्वार से 11 किलो वजनी कांवड़ लेकर लगभग 1000 किलोमीटर की लंबी पैदल यात्रा पर निकला है। उदयपुर स्थित उबेश्वर महादेव मंदिर तक जाने की उनकी इस संकल्पबद्ध यात्रा का जगह-जगह स्वागत किया जा रहा है। यात्रा मार्ग पर बनाए गए विशेष सेवा शिविरों में कांवड़ियों के लिए भोजन, विश्राम और प्राथमिक चिकित्सा जैसी सभी बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं, जिससे शिवभक्तों का उत्साह दोगुना हो गया है।
दूसरी तरफ नारायणपुर क्षेत्र में वन विभाग की कथित उदासीनता ने किसानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। यहां हाल ही में हुई एक टाइगर की घटना में किसान रामोतार की भैंसें गंभीर रूप से घायल हो गई थीं, जिसके बाद भी पीड़ित को सरकारी स्तर पर राहत नहीं मिल सकी। इस संकट की घड़ी में किसान महापंचायत ने मोर्चा संभालते हुए पीड़ित परिवारों की मदद का बीड़ा उठाया है। किसान नेता राकेश दायमा ने स्वयं मौके पर पहुंचकर आर्थिक मदद प्रदान की है।
किसान महापंचायत ने केवल टाइगर हमले के शिकार हुए रामोतार की ही नहीं, बल्कि घायल किसान खुशीराम के परिजनों की भी सुध ली। आर्थिक सहायता के साथ-साथ इन नेताओं ने भरोसा दिलाया है कि किसी भी प्रकार की सरकारी लापरवाही या अनसुनी के खिलाफ किसान महापंचायत एकजुट होकर उनके साथ खड़ी रहेगी। वन विभाग से अपेक्षित मुआवजा न मिलने के कारण ग्रामीणों में गहरा रोष है, जिसे शांत करने के लिए किसान संगठनों का सक्रिय होना बड़ी बात है।
इस तरह कोटपूतली-बहरोड़ का वर्तमान परिदृश्य एक तरफ जहां ईश्वर के प्रति अटूट विश्वास और सेवा भाव को दर्शाता है, वहीं दूसरी तरफ सामाजिक न्याय और किसानों की आवाज को भी बुलंद करता है। सावन के इस पावन पर्व में लोग जहां ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों के साथ आध्यात्मिक शक्ति बटोर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सामाजिक चेतना के जरिए आपसी सहयोग की एक नई मिसाल भी कायम की जा रही है।
Author: Shivam Verma
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