UP News: माफिया अतीक अहमद के बेटे अबान की हालिया मौत के बाद उसके लापता आईफोन को लेकर बनी सस्पेंस की स्थिति आखिरकार समाप्त हो गई है। घटना स्थल से गायब हुए इस कीमती फोन को ढूंढने के लिए पुलिस लंबे समय से मशक्कत कर रही थी। अबान के भाई अहजम द्वारा फोन मांगे जाने के बाद पुलिस की सक्रियता और बढ़ गई थी, जिसके बाद जांच टीमों ने इस मामले को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाया है।
पुलिस जांच में यह बात सामने आई थी कि जिस कार में हादसा हुआ, उसमें सवार पांचों लोगों के पास अपने-अपने मोबाइल फोन थे। घटना के तुरंत बाद जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो उन्हें केवल चार मोबाइल फोन ही बरामद हुए थे। अबान का आईफोन गायब होने की घटना ने जांच में कई नए सवाल खड़े कर दिए थे, जिससे पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया था और फोन की खोजबीन तेज कर दी गई थी।
फोन की बरामदगी के लिए साइबर सेल और सर्विलांस टीम की मदद ली गई। फोन के लोकेशन को ट्रेस करने पर पता चला कि यह घटना स्थल से करीब चार किलोमीटर दूर अमरोख गांव में मौजूद है। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए वहां छापेमारी की और दो युवकों को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान उन युवकों ने स्वीकार किया कि उन्हें यह आईफोन खिल्ली गांव के एक स्थानीय व्यक्ति से प्राप्त हुआ था।
इस पूरे मामले ने अब नई चर्चाओं को जन्म दिया है। जहां एक ओर अबान के आईफोन के डेटा को माफिया परिवार के नेटवर्क और उनके अवैध साम्राज्य से जोड़कर देखा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर कार से बरामद हुई अन्य सामग्री जैसे कि डायरी और नकदी की भी जांच की जा रही है। पुलिस अब इन तमाम कड़ियों को जोड़कर इस बात की तहकीकात कर रही है कि क्या दुर्घटना के पीछे कोई गहरी साजिश है।
गौरतलब है कि अतीक अहमद के परिवार के सदस्यों के ऊपर लगातार कानूनी शिकंजा कसता जा रहा है। अबान और अहजम पर परिवार के नेटवर्क को संभालने की जिम्मेदारी थी, ऐसे में यह आईफोन पुलिस के लिए जांच की एक अहम कड़ी साबित हो सकता है। फिलहाल पुलिस इस बात की पुष्टि कर रही है कि क्या फोन में कोई संवेदनशील डेटा या ऐसी जानकारी है जो भविष्य में जांच की दिशा बदल सकती है।
Author: Shivam Verma
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