Rajasthan News: राजस्थान के भरतपुर जिले में चर्चित पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना हत्याकांड को लेकर पुलिस की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। वैर थाना क्षेत्र में हुई इस सनसनीखेज वारदात के सिलसिले में कानून के हाथ एक और आरोपी तक पहुंच गए हैं। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए इस मामले में छठे आरोपी मुकेश को अपनी हिरासत में ले लिया है और उससे गहन पूछताछ की जा रही है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने अभी तक उसे मुख्य अपराधी के तौर पर औपचारिक रूप से चिह्नित नहीं किया है, लेकिन उसकी संलिप्तता के हर पहलू को बारीकी से खंगाला जा रहा है।
इस सनसनीखेज हत्याकांड की गूंज सिर्फ राजस्थान तक ही सीमित नहीं है, बल्कि अपराधियों की धरपकड़ के लिए पुलिस का दायरा दूसरे राज्यों तक फैल चुका है। फरार चल रहे अन्य नामजद आरोपियों को दबोचने के लिए पुलिस प्रशासन ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। राजस्थान के अलावा पड़ोसी राज्यों हरियाणा और मध्य प्रदेश में भी संदिग्ध ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। इस ऑपरेशन को सफल बनाने के लिए पुलिस महकमे की 30 से ज्यादा विशेष टीमों का गठन किया गया है, जो दिन-रात आरोपियों की तलाश में जुटी हुई हैं।
गौरलतब है कि इस गंभीर मामले की शुरुआत पूर्व विधायक की पत्नी कमलेश भड़ाना द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत से हुई थी। उनकी शिकायत के आधार पर पुलिस ने करीब 64 नामजद लोगों समेत 70 से 80 अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी, जिसमें हिरासत में लिए गए मुकेश का नाम भी शामिल है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि पूर्व विधायक की लीज से जुड़े विवाद और धरना-प्रदर्शनों के दौरान मुकेश की कथित तौर पर सक्रिय भूमिका रही थी। पुलिस अब इस बात की तह तक जाने का प्रयास कर रही है कि क्या इसी व्यावसायिक रंजिश के चलते इस खूनी खेल को अंजाम दिया गया था।
जांच को पुख्ता करने के लिए पुलिस तकनीकी सबूतों और डिजिटल साक्ष्यों का भी सहारा ले रही है। वारदात स्थल यानी लीज एरिया में लगे सीसीटीवी कैमरों और उनके डीवीआर को इस केस की गुत्थी सुलझाने की सबसे बड़ी कुंजी माना जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि इन फुटेजों के हाथ लगने से न सिर्फ अपराधियों के चेहरे बेनकाब होंगे, बल्कि पूरी घटना का सच भी सामने आ जाएगा। फिलहाल यह डीवीआर पूर्व विधायक की पत्नी के पास सुरक्षित है, और पुलिस को उम्मीद है कि इसके विश्लेषण से कई अहम सुराग हाथ लगेंगे।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि जब तक सभी फरार आरोपियों को सलाखों के पीछे नहीं पहुंचा दिया जाता, तब तक यह अभियान इसी रफ़्तार से जारी रहेगा। हिरासत में लिए गए मुकेश से मिल रही जानकारियों के आधार पर पुलिस अन्य संदिग्धों के ठिकानों पर भी शिकंजा कस रही है। सभी आरोपियों की गिरफ्तारी और पूरी जांच प्रक्रिया के मु मुकम्मल होने के बाद ही इस पूरे हत्याकांड की असली वजह और पूरी साजिश का पर्दाफाश हो सकेगा, जिसके लिए इलाके के लोगों की निगाहें भी पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।










