उत्तर प्रदेश के कानपुर में चर्चित होमगार्ड भर्ती घोटाले के मामले में एक नया और सनसनीखेज मोड़ सामने आया है। इस बड़े फर्जीवाड़े में जांच एजेंसियों का शिकंजा कसता देख मुख्य आरोपियों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। ताजा जानकारी के मुताबिक, इस पूरे मामले में नामजद एक आरोपी डॉक्टर को जब अपनी गिरफ्तारी का आसन्न खतरा महसूस हुआ, तो अचानक उसकी तबीयत बेहद गंभीर हो गई।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस और प्रशासनिक अमले द्वारा घोटाले के तारों को खंगालने और आरोपियों की धरपकड़ तेज करने के बाद आरोपी डॉक्टर भारी मानसिक तनाव में आ गया था। जैसे ही उसे यह अंदेशा हुआ कि पुलिस किसी भी वक्त उसे हिरासत में ले सकती है, वैसे ही उसका ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ गया और उसे सीने में तेज दर्द की शिकायत हुई।
परिजनों और सहयोगियों द्वारा आनन-फानन में उस डॉक्टर को शहर के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी नाजुक हालत को देखते हुए उसे तुरंत इंटेंसिव केयर यूनिट यानी आईसीयू में भर्ती कर दिया। फिलहाल अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम उसकी निगरानी कर रही है और लगातार मेडिकल टेस्ट किए जा रहे हैं ताकि उसकी स्वास्थ्य स्थिति का सही आकलन किया जा सके।
कानपुर में हुए इस बहुचर्चित होमगार्ड भर्ती घोटाले ने प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा रखा है। इस मामले में कई अन्य लोगों की संलिप्तता की भी आशंका जताई जा रही है, जिसकी गहराई से जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी डॉक्टर के स्वस्थ होते ही उससे इस घोटाले से जुड़े तमाम अहम दस्तावेजों और लेन-देन के बारे में कड़ी पूछताछ की जाएगी, ताकि इस रैकेट में शामिल बाकी चेहरों को भी बेनकाब किया जा सके।










