ब्रिटेन की राजधानी लंदन में भारतीय मूल के नागरिकों ने एकजुटता की एक बड़ी मिसाल पेश करते हुए भारतीय उच्चायोग के बाहर भव्य समर्थन रैली निकाली। इस दौरान प्रवासी भारतीयों ने हाथों में तिरंगा झंडा थाम रखा था और पूरा इलाका भारत माता की जय तथा मोदी-मोदी के नारों से गूंज उठा। लंदन में रहने वाले भारतीय समुदाय के लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार की नीतियों के प्रति अपना अटूट समर्थन व्यक्त किया है।
इस विरोध प्रदर्शन और समर्थन रैली के पीछे मुख्य वजह विदेशी धरती पर देश की छवि को बचाना बताया जा रहा है। रैली में हिस्सा लेने वाले भारतीय नागरिकों का कहना है कि कुछ निहित स्वार्थ वाले लोग विदेशों में भारत की साख को नुकसान पहुंचाने की साजिश रच रहे हैं। उनका मानना है कि भारत विरोधी ताकतों के मंसूबों को नाकाम करने के लिए ही आज यह पूरा समुदाय सड़कों पर उतरकर अपनी आवाज बुलंद कर रहा है।
रैली के दौरान वक्ताओं ने भारत के भीतर चल रहे राजनीतिक विरोध प्रदर्शनों और विपक्षी दलों के रुख पर भी तीखा हमला बोला। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि लोकतांत्रिक देश में किसी भी प्रकार की शिकायत के समाधान के लिए न्यायपालिका और संवैधानिक रास्ते मौजूद हैं। लेकिन विदेशों में जाकर देश के खिलाफ प्रदर्शन करना और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की छवि को धूमिल करना पूरी तरह से अनुचित है।
भारतीय समुदाय के एक अन्य प्रतिनिधि ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि देश की जनता ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत भारी बहुमत से सरकार को चुना है। उन्होंने प्रधानमंत्री की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने गरीबों के सशक्तिकरण के लिए ऐतिहासिक काम किए हैं, जिसमें करोड़ों की संख्या में बैंक खाते खुलवाना भी शामिल है जो देश के विकास को दर्शाता है।
दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय संगठन ‘रीच इंडिया’ ने भी विदेशों में हो रही भारत विरोधी गतिविधियों की कड़े शब्दों में निंदा की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि जो छात्र विदेशों में पढ़ाई के नाम पर देश विरोधी ताकतों के साथ मिलकर भारत की छवि खराब कर रहे हैं, उन पर पैनी नजर रखी जा रही है। साथ ही यह भी अपील की गई है कि भारतीय आंतरिक राजनीति पर चर्चा हमेशा देश की सीमा के भीतर ही की जानी चाहिए।










